टेक दुनिया की दिग्गज कंपनी Apple में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कंपनी ने घोषणा की है कि John Ternus एक सितंबर 2026 से नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह मौजूदा सीईओ Tim Cook की जगह लेंगे। खास बात यह है कि तीन दशकों से अधिक समय बाद कोई हार्डवेयर इंजीनियर इस पद तक पहुंचा है।

जॉन टर्नस को ‘मशीनों का जादूगर’ और ‘इंजीनियरों का इंजीनियर’ कहा जाता है। इसकी वजह है उनका काम के प्रति जुनून और परफेक्शन की हद तक जाने वाला नजरिया। बताया जाता है कि वे किसी प्रोडक्ट के छोटे से छोटे हिस्से—जैसे एक पेंच की डिजाइन—पर भी खुद ध्यान देते हैं और उसे बेहतर बनाने के लिए घंटों मेहनत करते हैं।

उनकी कहानी 1990 के दशक से शुरू होती है, जब वे पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने एक खास मशीन बनाई थी, जो शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को बिना हाथों के खाना खाने में मदद करती थी। यह उनकी सोच और तकनीकी समझ का शुरुआती उदाहरण था।

एपल में उनका सफर 2001 में एक प्रोडक्ट डिजाइन टीम के सदस्य के रूप में शुरू हुआ। धीरे-धीरे अपनी काबिलियत और नेतृत्व क्षमता के दम पर उन्होंने कंपनी में ऊंचे पद हासिल किए। 2013 में वे हार्डवेयर इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसिडेंट बने और 2021 में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी संभाली।
टर्नस ने एपल के कई बड़े प्रोडक्ट्स—जैसे iPhone, iPad और AirPods—के विकास में अहम भूमिका निभाई। खास तौर पर iPad के लिए अलग ऑपरेटिंग सिस्टम (iPadOS) की जरूरत को समझाने में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। उनका मानना था कि मजबूत हार्डवेयर को उसकी पूरी क्षमता दिखाने के लिए अलग सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म चाहिए।
सिर्फ टेक्नोलॉजी ही नहीं, टर्नस की पर्सनैलिटी भी काफी दिलचस्प है। वे कॉलेज के दिनों में एक बेहतरीन तैराक रहे हैं और स्कूबा डाइविंग, साइक्लिंग और रैली कार रेसिंग के भी शौकीन हैं। उनके सहयोगी उन्हें उनकी तेज सोच और जटिल समस्याओं के आसान समाधान निकालने की क्षमता के लिए जानते हैं।
अब जब जॉन टर्नस एपल की कमान संभालने जा रहे हैं, तो टेक इंडस्ट्री की नजर इस बात पर होगी कि क्या वे कंपनी को नए इनोवेशन और हार्डवेयर के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जा पाएंगे।