‘बाजार में अब नई डिजिटल पीढ़ी प्रवेश कर रही है’, सेबी प्रमुख बोले- नियामकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है

Business & Economy April 25, 2026 By Bharat B. Malviya
News Image

भारतीय पूंजी बाजार तेजी से बदलते दौर से गुजर रहा है और इसमें अब एक नई डिजिटल पीढ़ी की एंट्री हो रही है। इस बदलाव को लेकर Securities and Exchange Board of India (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा है कि जैसे-जैसे बाजार में तकनीक से जुड़ी नई पीढ़ी शामिल हो रही है, वैसे-वैसे नियामकों की जिम्मेदारी भी पहले से अधिक बढ़ जाती है।

Advertisement

सेबी के 38वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि संस्था की सबसे बड़ी ताकत उसकी विश्वसनीयता है, जो वर्षों से किए गए सुधारों, मजबूत नियामकीय ढांचे और निवेशकों के भरोसे पर आधारित है। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय बाजारों ने मजबूती दिखाई है, जो देश की आर्थिक क्षमता और नीतिगत स्थिरता को दर्शाता है।

Advertisement

उन्होंने बताया कि भारत का पूंजी बाजार पिछले कुछ दशकों में पूरी तरह बदल चुका है। पहले जहां ट्रेडिंग सिस्टम सीमित और पारदर्शिता कम थी, वहीं अब बाजार पूरी तरह तकनीक आधारित, रियल-टाइम और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन चुका है। डीमैट व्यवस्था, स्क्रीन-बेस्ड ट्रेडिंग, रोलिंग सेटलमेंट और बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस जैसे सुधारों ने इस परिवर्तन को संभव बनाया है।

Advertisement

कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने भी साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में किसी बड़े स्टॉक एक्सचेंज या वित्तीय संस्थान पर साइबर हमला पूरे बाजार को प्रभावित कर सकता है। इससे निवेशकों की पूंजी को भारी नुकसान हो सकता है और बाजार में भरोसा कमजोर पड़ सकता है।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकें साइबर हमलों को और अधिक तेज, जटिल और बड़े पैमाने पर सक्षम बना रही हैं। ऐसे में नियामकों और वित्तीय संस्थानों को अपनी सुरक्षा प्रणाली को लगातार मजबूत करना होगा।

सेबी प्रमुख ने यह भी बताया कि भारत के पूंजी बाजार का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। देश में 5900 से अधिक सूचीबद्ध कंपनियां हैं और 14 करोड़ से ज्यादा निवेशक बाजार से जुड़े हुए हैं। पिछले एक दशक में बाजार पूंजीकरण में लगातार वृद्धि हुई है और म्यूचुअल फंड उद्योग भी तेज गति से विस्तार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि नई डिजिटल पीढ़ी के निवेशक पहले से अधिक जागरूक, तेज और तकनीकी रूप से सक्षम हैं। ऐसे में जरूरी है कि नवाचार को बढ़ावा दिया जाए, लेकिन साथ ही निवेशकों की सुरक्षा और पारदर्शिता से कोई समझौता न हो।

आने वाले समय की प्राथमिकताओं पर बात करते हुए पांडे ने कहा कि सेबी नियमों को सरल बनाने, कारोबार को आसान करने और तकनीक आधारित निगरानी को मजबूत करने पर लगातार काम कर रहा है। डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल फोरेंसिक और एआई जैसे आधुनिक उपकरणों के जरिए संस्था अपनी क्षमता को और बढ़ा रही है।

उन्होंने अंत में कहा कि किसी भी संस्था की असली पहचान उसके वर्षों से नहीं, बल्कि उसकी विश्वसनीयता से होती है। यही विश्वास भारत के पूंजी बाजार को भविष्य में और मजबूत बनाएगा और वैश्विक स्तर पर उसे अग्रणी स्थान दिलाएगा।

AdvertisementAdvertisementAdvertisement

Related News

News image
Business & Economy
फर्जी कंपनी बनाकर निवेश के नाम पर खेल, नकली रसीदों से किया बड़ा फर्जीवाड़ा

गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र से एक बड़ा ठगी का मामला सामने आया है, जहां निवेश के नाम पर करीब 24 करोड़ रुपये की जालसाजी किए जाने का आरोप लगा है। रियल ...

News image
Business & Economy
भारत के कपड़ा निर्यात में आई गिरावट; 35.8 अरब डॉलर पर सिमटा कारोबार, जीटीआरआई ने बताई वजह

भारत के टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर को वित्त वर्ष 2025-26 में झटका लगा है। Global Trade Research Initiative (जीटीआरआई) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ...

News image
Business & Economy
ब्रेंट 107 डॉलर के पार, निवेशकों की बढ़ी चिंता

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और Strait of Hormuz में आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल द...

News image
Business & Economy
बैंकों को साथ लाने की तैयारी, SBI करेगा अगुवाई

केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े बढ़ते खतरों को लेकर अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर म...

News image
Business & Economy
बिहार में पहली बार दाल की संगठित खरीद शुरू, छत्तीसगढ़ में MSP खरीद तेज

देश में किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने और कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। एक ओर जहां छत्तीसगढ़...

News image
Business & Economy
पाकिस्तान में ट्रांसपोर्ट बैन से संकट गहराया, पेट्रोल और अनाज की किल्लत; एयरपोर्ट पर भी खतरा

पाकिस्तान के इस्लामाबाद और रावलपिंडी में अचानक लगाए गए मालवाहक वाहनों पर प्रतिबंध ने हालात को गंभीर बना दिया है। इस फैसले के बाद दोनों शहरों में जर...