पाकिस्तान के इस्लामाबाद और रावलपिंडी में अचानक लगाए गए मालवाहक वाहनों पर प्रतिबंध ने हालात को गंभीर बना दिया है। इस फैसले के बाद दोनों शहरों में जरूरी चीजों की सप्लाई लगभग ठप हो गई है, जिससे आम लोगों की परेशानियां तेजी से बढ़ रही हैं।

सबसे ज्यादा असर पेट्रोलियम और खाद्य आपूर्ति पर देखने को मिल रहा है। शहरों में पेट्रोल और डीजल की कमी की आशंका गहराने लगी है, जबकि मंडियों तक अनाज, फल और सब्जियों की सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है।

ऑयल टैंकर कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन के अनुसार, बीते दो से तीन दिनों से टैंकरों को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। इसके चलते ईंधन की सप्लाई पूरी तरह बाधित हो गई है। अगर यही स्थिति बनी रही, तो जल्द ही पेट्रोल पंप सूख सकते हैं और हालात और बिगड़ सकते हैं।

सबसे बड़ी चिंता हवाई अड्डों को लेकर जताई जा रही है। इस्लामाबाद और पेशावर एयरपोर्ट के लिए जाने वाले ईंधन टैंकर भी रास्ते में ही रोक दिए गए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में फ्लाइट ऑपरेशन पर भी असर पड़ सकता है।
वहीं, रावलपिंडी की मंडियों का हाल भी चिंताजनक है। ट्रांसपोर्ट बंद होने के कारण अनाज, फल और सब्जियों की सप्लाई पूरी तरह रुक गई है। इससे बाजारों में कमी और कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका है।
इस संकट का असर सिर्फ व्यापारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि दिहाड़ी मजदूरों पर भी पड़ा है। रोजाना काम की तलाश में ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचने वाले मजदूरों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि अगर सुरक्षा कारणों से मुख्य सड़कें बंद हैं, तो वैकल्पिक रास्तों जैसे मोटरवे के जरिए मालवाहक वाहनों को अनुमति दी जाए, ताकि जरूरी सामान की सप्लाई बनी रह सके।
दरअसल, स्थानीय प्रशासन ने बिना स्पष्ट कारण बताए अचानक सभी सार्वजनिक और मालवाहक वाहनों पर रोक लगा दी है। इस फैसले ने आम जनता और व्यापारियों के बीच असमंजस और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है और आम लोगों की जिंदगी पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।