गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र से एक बड़ा ठगी का मामला सामने आया है, जहां निवेश के नाम पर करीब 24 करोड़ रुपये की जालसाजी किए जाने का आरोप लगा है। रियल एस्टेट, ज्वेलरी और शेयर मार्केट से जुड़ी एक कंपनी के जरिए लोगों को निवेश का झांसा दिया गया और फिर सुनियोजित तरीके से फर्जी लेनदेन दिखाकर रकम हड़प ली गई।

इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर गुलरिहा थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता विश्वजीत श्रीवास्तव के अनुसार, वर्ष 2023 में उनकी मुलाकात कुशीनगर निवासी सोनू जायसवाल से हुई थी, जो बाद में उनकी कंपनी में फाउंडर के रूप में जुड़ गया। इसके बाद सोनू ने अपने रिश्तेदार शिवम जायसवाल को एजेंट के तौर पर कंपनी से जोड़ दिया।

आरोप है कि सोनू और शिवम ने मिलकर कंपनी में निवेश के नाम पर लोगों से पैसे जमा करवाए और इसके बदले कमीशन भी लिया। कंपनी के खातों का काम हरिकेश प्रसाद देखता था। निवेशकों से प्राप्त डिपॉजिट स्लिप और लेनदेन की जानकारी सोनू के माध्यम से अकाउंटेंट तक पहुंचती थी।

जांच के दौरान करीब 4.50 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन से जुड़े स्क्रीनशॉट संदिग्ध पाए गए। जब इनकी जांच की गई तो सामने आया कि जिन यूटीआर नंबरों से लाखों रुपये भेजे जाने का दावा किया गया था, उनमें वास्तविक ट्रांजेक्शन केवल एक रुपये का था। आरोपियों ने मोबाइल और लैपटॉप की मदद से एक रुपये के लेनदेन को लाखों रुपये दिखाकर फर्जी रसीदें तैयार कीं और इन्हीं के आधार पर अपने रिश्तेदारों के खातों में कमीशन के रूप में पैसे डलवाए।
यह पूरा खेल लगभग तीन महीने तक चलता रहा और 30 अप्रैल को कंपनी के ऑडिट के दौरान इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ। ऑडिट में यह भी सामने आया कि फर्जी स्क्रीनशॉट के जरिए कुल 24 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया।
मामले में नवीन श्रीवास्तव और प्रियंका श्रीवास्तव पर भी आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने निवेशकों से करीब 82 लाख रुपये अपने खातों में मंगवाकर निजी उपयोग में खर्च कर लिए।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने पहले स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दी थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। कोर्ट ने प्रस्तुत साक्ष्यों को देखते हुए प्रथम दृष्टया अपराध मानते हुए एफआईआर दर्ज करने और जांच शुरू करने का आदेश दिया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस ठगी में और कौन-कौन शामिल हैं।