अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब एक और खतरनाक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका ईरान के पिकैक्स माउंटेन को जल्द निशाना बना सकता है। यह वही इलाका है जिसे ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अहम ठिकानों में गिना जाता है। ट्रंप इससे पहले भी इस पहाड़ पर हमले की चेतावनी दे चुके हैं।

पिकैक्स माउंटेन नतांज यूरेनियम संवर्धन सुविधा के बेहद करीब स्थित है। बताया जाता है कि पहाड़ के नीचे जमीन की काफी गहराई में दो सुरंग परिसरों का निर्माण किया गया है। विश्लेषकों के मुताबिक यह बेहद मजबूत और किलेबंद परिसर है। आशंका जताई जाती रही है कि पहाड़ के भीतर ईरान ने गुप्त यूरेनियम संवर्धन से जुड़ी सुविधाएं या हथियार-ग्रेड के करीब संवर्धित यूरेनियम का सुरक्षित भंडारण किया हो सकता है।
यह विशाल टनल कॉम्प्लेक्स नतांज न्यूक्लियर साइट से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर है। नतांज परमाणु केंद्र को पिछले साल जून में अमेरिकी बंकर-बस्टर बमों से भारी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद से पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु ढांचे का एक बेहद सुरक्षित हिस्सा माना जा रहा है। कुछ विश्लेषक इसे ईरान का ‘न्यूक्लियर बंकर’ भी कहते हैं।

हालांकि, पिकैक्स माउंटेन में अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार होने की बात की अब तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे अपुष्ट दावे जरूर सामने आए हैं कि ईरान ने अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का कुछ हिस्सा यहां सुरक्षित रखा हो सकता है। यही वजह है कि इस इलाके को लेकर अमेरिका और इजरायल की रणनीतिक नजरें बनी हुई हैं।

इस बीच ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे मौजूदा संघर्ष को ज्यादा बड़ा युद्ध मानने से भी इनकार किया है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की उस टिप्पणी का बचाव किया, जिसमें उन्होंने मिडिल ईस्ट में महीनों से जारी हमलों को लेकर अलग शब्दों का इस्तेमाल किया था। ट्रंप ने कहा कि वह इसे ‘सैन्य संघर्ष’ कहते हैं और उनके नजरिए से यह अमेरिका के लिए कोई बड़ी बात नहीं है।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि मौजूदा संघर्ष में अमेरिका के हताहतों की संख्या हाल के कुछ अन्य अमेरिकी युद्धों की तुलना में कम है। 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष में अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ हवाई हमले किए हैं, जबकि अब तक अमेरिकी सैनिकों की जमीनी तैनाती नहीं की गई है। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल को निशाना बनाकर हमले किए हैं।
अब पिकैक्स माउंटेन को लेकर ट्रंप के ताजा बयान ने इस संघर्ष को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। अगर अमेरिका इस बेहद सुरक्षित भूमिगत परिसर को निशाना बनाता है, तो ईरान के परमाणु कार्यक्रम के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में सैन्य तनाव और गंभीर रूप ले सकता है।

