कांगो में इबोला वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 6,186 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 3,007 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए इसे रोकने की कोशिशें पीछे छूटती नजर आ रही हैं।
इटुरी प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में है। यहां से विस्थापित लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और संक्रमित शवों के उचित प्रबंधन को लेकर चिंता जताई है। हालात बिगड़ने के कारण कई लोगों को अपना इलाका छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा।
वायरस अब कांगो के छह प्रांतों तक पहुंच चुका है। पिछले सप्ताह नॉर्थ किवू के दो और स्वास्थ्य क्षेत्रों में संक्रमण की पुष्टि हुई। यहां मृत्यु दर भी अन्य प्रभावित इलाकों की तुलना में अधिक बताई जा रही है।

अमेरिकी CDC ने चेतावनी दी है कि संक्रमण रोकने के प्रयास तय लक्ष्यों से पीछे हैं। WHO प्रमुख डॉ. टेड्रोस एडहानोम घेब्रेयेसस ने कहा है कि संक्रमण की हर कड़ी को खोजकर तोड़ना जरूरी है, वरना बीमारी कांगो के साथ पड़ोसी देशों के लिए भी खतरा बनी रहेगी।

रिपोर्ट के मुताबिक इस बार संक्रमण Bundibugyo वायरस से जुड़ा है, जिसके खिलाफ फिलहाल कोई स्वीकृत वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों की चिंता यही है कि अगर संक्रमण की रफ्तार पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो यह प्रकोप और गंभीर रूप ले सकता है।


