गुरुग्राम की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाले युवक की आत्महत्या के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक ने कथित तौर पर आत्महत्या से पहले आठ पन्नों का सुसाइड नोट भेजा, जिसमें अपने सुपरवाइजर पर मानसिक प्रताड़ना, ब्लैकमेलिंग, धमकी और अपमानजनक व्यवहार के आरोप लगाए हैं।

मृतक बिहार के बेगूसराय जिले का रहने वाला था और गुरुग्राम के उद्योग विहार स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत था। बताया गया है कि उसने कापसहेड़ा स्थित अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद परिवार ने पुलिस कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया है।
सुसाइड नोट में युवक ने दावा किया कि उसका सुपरवाइजर पिछले कई वर्षों से उसे परेशान कर रहा था। उसने लिखा कि उसे क्षेत्रीय टिप्पणियों और अपमानजनक शब्दों के जरिए लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। नोट में ब्लैकमेलिंग और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।

मृतक ने यह भी लिखा कि उसने कंपनी प्रबंधन और मानव संसाधन विभाग से शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद युवक पर दबाव बढ़ता गया और वह मानसिक रूप से टूट गया।
आत्महत्या से पहले युवक ने अपने भाई और भांजे को अंतिम संदेश भेजकर अपनी मौत के लिए सीधे तौर पर सुपरवाइजर को जिम्मेदार बताया। घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार गुरुग्राम पहुंचा और पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सुसाइड नोट समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं संबंधित कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


