भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए साफ कहा है कि अगर पड़ोसी देश आतंकवाद को समर्थन देता रहा, तो उसे तय करना होगा कि वह दुनिया के नक्शे पर सम्मान के साथ रहना चाहता है या इतिहास का हिस्सा बनना चाहता है। उनका यह बयान ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के मौके पर आयोजित सेना संवाद कार्यक्रम में सामने आया।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारत शांति और स्थिरता चाहता है, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति बिल्कुल स्पष्ट है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में फिर किसी बड़े आतंकी हमले जैसी स्थिति बनी, तो भारतीय सेना पहले से भी अधिक ताकत और तेजी के साथ जवाब देगी।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। भारतीय सेना ने सटीक कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों को तबाह कर दिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच कई घंटों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही थी।
सेना प्रमुख ने कहा कि भारत अब आतंकवाद को लेकर किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय सेना हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल पहले से अधिक मजबूत हुआ है।
जनरल द्विवेदी के बयान को पाकिस्तान के लिए सीधा संदेश माना जा रहा है कि भारत अब सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और अखंडता सर्वोच्च प्राथमिकता है और सेना हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम है।


