C. Joseph Vijay के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी राजनीति ही नहीं, बल्कि पहनावे की भी खूब चर्चा हो रही है। शपथ ग्रहण समारोह में विजय ने पारंपरिक सफेद शर्ट और वेष्टी की जगह काला सूट पहनकर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इसके बाद से वह लगातार सूट में ही सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक बैठकों में नजर आ रहे हैं।
तमिलनाडु की राजनीति में सफेद शर्ट और वेष्टी को नेताओं की पहचान माना जाता रहा है। यह पहनावा आम जनता से जुड़ाव और सादगी का प्रतीक समझा जाता है। ऐसे में विजय का सूट पहनना खुद को “नई सोच वाले नेता” के रूप में पेश करने की कोशिश माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय का यह अंदाज उनके “कॉरपोरेट, ग्लोबल और प्रोफेशनल” छवि को दर्शाता है। फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय अपने अलग व्यक्तित्व और बदलाव के संदेश को इसी पहनावे के जरिए मजबूत करना चाहते हैं।

हालांकि, कुछ लोग इसे जनता से दूरी बनाने वाला कदम भी मान रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि तमिलनाडु की गर्म और उमस भरी जलवायु में सूट व्यावहारिक नहीं है और आम लोग खुद को इससे जोड़ नहीं पाएंगे।
तमिल राजनीति में पहनावे की अपनी अलग परंपरा रही है। M. G. Ramachandran अपने फिल्मी दौर में रंग-बिरंगे सूट और खास स्टाइल के लिए मशहूर थे। वहीं J. Jayalalithaa ने हरे रंग और खास तरह की शॉल को अपनी पहचान बना लिया था।
दूसरी ओर Periyar E. V. Ramasamy और C. N. Annadurai जैसे द्रविड़ आंदोलन के नेताओं ने सादगी और सामान्य जीवनशैली को प्राथमिकता दी।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या विजय आगे चलकर अपने पहनावे में पारंपरिक तमिल शैली को अपनाएंगे या फिर सूट ही उनकी नई राजनीतिक पहचान बना रहेगा।

