Rajnath Singh ने सोमवार को कर्तव्य भवन में मंत्रियों के अनौपचारिक सशक्त समूह (IGoM) की एक हाई लेवल बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उसके भारत पर संभावित असर को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय हालात से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। पश्चिम एशिया में जारी संकट को देखते हुए भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि अगर क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर कच्चे तेल की सप्लाई, व्यापार और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है। भारत की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और मौजूदा हालात से निपटने के लिए तैयारियों का आकलन किया गया।
बताया जा रहा है कि Narendra Modi भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और सरकार विभिन्न स्तरों पर समन्वय के साथ काम कर रही है।
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में भारत सरकार ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक हितों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार सक्रिय नजर आ रही है।

