Narendra Modi ने B. R. Ambedkar की 135वीं जयंती के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया।

‘Modi Archive’ द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए पोस्ट में कहा गया—

👉 “अगर बाबा साहेब न होते, तो मोदी भी आज यहां नहीं होते।”

🙏 अंबेडकर की विरासत को किया याद
पोस्ट में यह रेखांकित किया गया कि डॉ. अंबेडकर ने:
भारतीय संविधान की नींव रखी
सामाजिक समानता और न्याय के लिए संघर्ष किया
दलित और वंचित वर्गों को अधिकार दिलाने में अहम भूमिका निभाई
प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने कार्यकाल में उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है।
🏛️ पंचतीर्थ का जिक्र
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पोस्ट में ‘पंचतीर्थ’ का भी उल्लेख किया गया, जो डॉ. अंबेडकर से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को दर्शाता है:
जन्मस्थली – महू (मध्य प्रदेश)
शिक्षा स्थल – लंदन
दीक्षा भूमि – नागपुर
महापरिनिर्वाण स्थल – दिल्ली
चैत्य भूमि – मुंबई
इन स्थानों को विकसित कर उनकी विरासत को संरक्षित करने की दिशा में काम किया गया है।
🗣️ विचारों का संबंध
पोस्ट में यह भी बताया गया कि:
प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों में सामाजिक न्याय पर जोर
गरीब और वंचित वर्गों के लिए योजनाएं
और समावेशी विकास का दृष्टिकोण
👉 कहीं न कहीं बाबा साहेब अंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित है
📌 निष्कर्ष
डॉ. अंबेडकर की जयंती पर यह संदेश सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि उनकी विरासत को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी है।
यह पोस्ट एक बार फिर दिखाता है कि भारत की राजनीति और समाज में बाबा साहेब की सोच आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।