Narendra Modi ने मंगलवार को देश की महिलाओं के नाम एक भावनात्मक पत्र लिखते हुए कहा कि भारत की बेटियों को उनके अधिकारों के लिए अब और इंतजार नहीं करना चाहिए।

उन्होंने संकेत दिए कि अगर 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ होते हैं, तो भारतीय लोकतंत्र और भी मजबूत होगा।

✉️ PM का संदेश: ‘नारी शक्ति को अधिकार मिलना जरूरी’

प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में कहा:
महिलाएं हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं
ऐसे में विधायी संस्थाओं में उनकी भागीदारी बढ़ना जरूरी है
अब समय आ गया है कि उनके अधिकारों को लागू किया जाए, न कि टाला जाए
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस पत्र को साझा करते हुए लिखा कि यह दशकों से लंबित वादे को पूरा करने की दिशा में एक कदम है।
📊 महिला आरक्षण बिल क्या है?
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सितंबर 2023 में संसद ने
Nari Shakti Vandan Adhiniyam
को पास किया था।
इसके तहत:
लोकसभा और विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित
महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य
⏳ अभी तक लागू क्यों नहीं हुआ?
मौजूदा कानून के अनुसार:
2027 की जनगणना
उसके बाद परिसीमन (delimitation)
के बाद ही यह लागू हो सकता था, यानी 2034 से पहले लागू होना मुश्किल था।
⚡ अब क्या बदलने जा रहा है?
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सरकार अब:
कानून में संशोधन लाने की तैयारी में है
संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है
अगर संशोधन पास हो जाता है:
लोकसभा सीटें बढ़कर 816 हो सकती हैं
इनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी
🗳️ 2029 चुनाव में लागू होने की उम्मीद
प्रधानमंत्री ने कहा कि:
👉 2029 चुनाव महिला आरक्षण के साथ हो सकते हैं
👉 इससे लोकतंत्र अधिक प्रतिनिधित्व वाला बनेगा
साथ ही उन्होंने महिलाओं से अपील की:
अपने सांसदों को पत्र लिखकर इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करें
📌 निष्कर्ष
महिला आरक्षण को लेकर सरकार अब तेज गति से आगे बढ़ रही है।
अगर 2029 तक यह लागू हो जाता है, तो यह भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को एक नए स्तर पर ले जाएगा और लोकतंत्र को और अधिक समावेशी बनाएगा।