कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद सामने आए ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने अब पार्टी के भीतर भी हलचल बढ़ा दी है। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने 7 सितंबर को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में एक अहम बैठक बुलाई है। बैठक में देशभर से कांग्रेस के दलित सांसद शामिल होंगे और हल्द्वानी की घटना को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को छोड़कर पार्टी के सभी 15 दलित सांसदों के बैठक में शामिल होने की संभावना है। बैठक में घटना के राजनीतिक और सामाजिक पहलुओं पर चर्चा के साथ-साथ यह भी तय किया जा सकता है कि इस मुद्दे को आगे किस तरह उठाया जाए।
हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली के बाद एक हिंदूवादी संगठन की ओर से रामलीला मैदान में ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ आयोजित किए जाने का मामला सामने आया था। आयोजकों का कहना था कि मैदान में फैली गंदगी और वहां कथित तौर पर लगाए गए सांप्रदायिक नारों के विरोध में यह कार्यक्रम किया गया था।
हालांकि, कांग्रेस ने इस आयोजन पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की दलित पहचान से जोड़ते हुए विरोध दर्ज कराया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि शुद्धिकरण के नाम पर दलित समुदाय का अपमान किया गया। इसके बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया और दोनों पक्षों की ओर से बयानबाजी तेज हो गई।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी थी और शुद्धिकरण यज्ञ को दलित विरोधी बताया था। अब राहुल गांधी की इसी टिप्पणी को आधार बनाकर हल्द्वानी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
कांग्रेस की 7 सितंबर को होने वाली बैठक में पूरे विवाद पर पार्टी का रुख और आगे की राजनीतिक रणनीति तय होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, बैठक के बाद कांग्रेस के दलित सांसद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मुलाकात कर सकते हैं।

यह विवाद 8 अगस्त को हल्द्वानी में आयोजित कांग्रेस की रैली के बाद शुरू हुआ था। अब कांग्रेस द्वारा अपने दलित सांसदों की बैठक बुलाए जाने से साफ है कि पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर गंभीरता से आगे उठाने की तैयारी में है।


