उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर सियासत तेज होने वाली है। समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई समाजवादी छात्र सभा ने शिक्षक दिवस के मौके पर प्रदेश में एक सप्ताह तक चलने वाले विशेष अभियान की घोषणा की है। 5 सितंबर से 11 सितंबर तक चलने वाले ‘छात्र, नौजवान एवं PDA जागरूकता अभियान’ के जरिए सपा सरकारी स्कूलों, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाएगी।
अभियान के तहत समाजवादी छात्र सभा ‘पाठशाला पुकारे’ कार्यक्रम भी चलाएगी। इसके अंतर्गत प्रदेश में बंद किए गए प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के बाहर शिक्षक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का कहना है कि इन कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीण इलाकों में शिक्षा व्यवस्था और बंद स्कूलों से जुड़े मुद्दों को लोगों के बीच प्रमुखता से रखा जाएगा।

शिक्षक दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र सम्मेलन तथा शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। वहीं बंद किए गए प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के परिसरों के बाहर या उनके आसपास उपलब्ध स्थानों पर भी शिक्षक दिवस मनाया जाएगा। इन कार्यक्रमों में स्थानीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता और ग्रामीणों की भागीदारी रहेगी।
अभियान का कार्यक्रम 5 सितंबर से शुरू होकर 11 सितंबर तक चलेगा। 7 सितंबर को PDA वृक्षारोपण और पर्चा वितरण किया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 8 सितंबर को विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिविर लगाकर छात्रों से संपर्क किया जाएगा।
9 सितंबर को छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने जाएंगे। इस दौरान उनसे संकल्प पत्र भी भरवाए जाएंगे। 10 सितंबर को छात्र-छात्राओं और युवाओं की राजनीति में भागीदारी को लेकर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। अभियान का समापन 11 सितंबर को मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान के साथ होगा।
सपा ने इस अभियान के लिए शिक्षा और रोजगार से जुड़े कई मुद्दों को भी प्रमुखता से शामिल किया है। पार्टी पेपर लीक, फीस वृद्धि, समान पाठ्यक्रम, रोजगार, आरक्षण और विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नियुक्तियों में कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाएगी।
इसके अलावा आरक्षण में पारदर्शिता, रोस्टर प्रणाली, मुफ्त शिक्षा, छात्रों को डिजिटल डिवाइस उपलब्ध कराने, पुस्तकालयों की व्यवस्था और नए विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों के निर्माण जैसे विषय भी अभियान का हिस्सा होंगे।

समाजवादी पार्टी का यह अभियान ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों को लेकर राजनीतिक बहस लगातार जारी है। अब देखना होगा कि सपा के इस अभियान का जमीनी स्तर पर कितना असर पड़ता है और सरकार की ओर से इन आरोपों व मुद्दों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।


