एयर इंडिया लगातार बढ़ते घाटे के बीच अपने मालिकों से नई पूंजी जुटाने की तैयारी में है। रिपोर्ट के मुताबिक एयरलाइन ने टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से करीब 1.5 अरब डॉलर (लगभग 13 हजार करोड़ रुपये) की नई इक्विटी फंडिंग मांगी है। एयर इंडिया और उसकी बजट इकाई एयर इंडिया एक्सप्रेस को मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष में संयुक्त रूप से करीब 2.33 अरब डॉलर का घाटा हुआ, जो पिछले साल की तुलना में दोगुने से अधिक है। यह मांग ऐसे समय में आई है जब एयरलाइन अपने बेड़े के आधुनिकीकरण, विमानों के नवीनीकरण और व्यापक बदलाव की प्रक्रिया से गुजर रही है।
नई पूंजी को लेकर टाटा संस और एयर इंडिया की 25.1% हिस्सेदारी रखने वाली सिंगापुर एयरलाइंस के बीच बातचीत चल रही है, हालांकि अभी फंडिंग पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। एयरलाइन को आगे भी अतिरिक्त पूंजी की जरूरत पड़ने की संभावना जताई जा रही है। बढ़ती परिचालन लागत, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में व्यवधान और पिछले साल हुए हादसे समेत कई चुनौतियों ने एयर इंडिया की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ाया है। सिंगापुर एयरलाइंस ने कहा है कि वह टाटा संस के साथ एयर इंडिया के बदलाव कार्यक्रम का समर्थन कर रही है, लेकिन अतिरिक्त निवेश पर फैसला उसकी रणनीति और जरूरतों को देखते हुए किया जाएगा।




