NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का आंदोलन समाप्त होने के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए छह सदस्यीय हाई पावर टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। इस समिति की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि करेंगे।

प्रधानमंत्री ने रविवार शाम सोशल मीडिया के माध्यम से जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और ऐसे कई आरोपी जेल में हैं।
परीक्षा अपराधों पर सख्ती

प्रधानमंत्री ने बताया कि परीक्षा से जुड़े अपराधों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही सरकार संसद में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेश करने जा रही है। प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक और अन्य परीक्षा अपराधों में दोषियों के लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार केवल दोषियों को दंडित करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तकनीक आधारित और अधिक विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली विकसित करने पर भी काम कर रही है।
कौन हैं नंदन नीलेकणि?
नंदन नीलेकणि देश के प्रमुख उद्योगपतियों और तकनीकी विशेषज्ञों में शामिल हैं। उन्होंने एन. आर. नारायण मूर्ति के साथ मिलकर इंफोसिस की सह-स्थापना की थी। IIT बॉम्बे से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले नीलेकणि ने वर्ष 2009 में आधार परियोजना के शुरुआती चरण का नेतृत्व भी किया था। इसके अलावा वे तकनीक, डिजिटल गवर्नेंस और सार्वजनिक नीति से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं।
टास्क फोर्स में शामिल होंगे ये सदस्य

सरकार द्वारा गठित छह सदस्यीय हाई पावर टास्क फोर्स में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इनमें—
नंदन नीलेकणि (अध्यक्ष एवं तकनीकी विशेषज्ञ)
इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ
पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका
आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामाकोटी
पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल

लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा
शामिल हैं।
प्रह्लाद जोशी ने संभाला अतिरिक्त प्रभार
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की।
प्रह्लाद जोशी के पास पहले से उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी है। अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद परीक्षा सुधार और नई नीतियों को लागू करने की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर होगी।