NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन बिहार में लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी पटना से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा वाटर कैनन चलाने के बीच कुछ छात्र नाचते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो के पीछे का आंदोलन अगले ही दिन कई जिलों में हिंसक हो गया, जहां पथराव, लाठीचार्ज, हवाई फायरिंग और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुईं।
बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान भीषण गर्मी से परेशान एक छात्र ने पुलिसकर्मियों से मजाकिया अंदाज में वाटर कैनन चलाने की गुजारिश की। इसके बाद जब पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए पानी की बौछार की, तो कुछ प्रदर्शनकारी गाने की धुन पर झूमने लगे। यह दृश्य सोशल मीडिया पर खूब साझा किया जा रहा है।
पटना में छात्रों और पुलिस के बीच झड़प

बुधवार को पटना में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग भी किया। इस दौरान कुछ जगहों पर पत्थर और चप्पल भी फेंके गए।

एक अन्य वायरल वीडियो में डाक बंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारी पुलिस की बैरिकेडिंग हटाते और उसे उठाकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। वहीं कुछ लोग बैरिकेड पर चढ़े भी नजर आए। सोशल मीडिया पर एक और वीडियो में प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों से पूछते सुनाई देते हैं, "क्या आपके पास टियर गैस नहीं है?" हालांकि इन वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

कई जिलों में हिंसक हुआ आंदोलन
गुरुवार को यह आंदोलन बिहार के कई जिलों में उग्र हो गया। जहानाबाद, दरभंगा, कटिहार और बेगूसराय में प्रदर्शन के दौरान पथराव की घटनाएं सामने आईं। हालात काबू में करने के लिए कई स्थानों पर पुलिस को लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग करनी पड़ी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन घटनाओं में कई छात्र और कम से कम 14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि 114 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
जहानाबाद में रेलवे संपत्ति को नुकसान
जहानाबाद में छात्रों ने कारगिल चौक से ककोर मोड़ तक मार्च निकाला और बैरिकेड हटाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर 20 से 30 राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी। इस दौरान थाना प्रभारी समेत दो पुलिस अधिकारी घायल हो गए।
प्रशासन का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। अधिकारियों का कहना है कि कुछ बाहरी लोग भी प्रदर्शन में शामिल हुए और जिलाधिकारी आवास पर पथराव किया।
दरभंगा और कटिहार में भी तनाव
दरभंगा के लोहिया चौक पर पथराव में शहर के एसपी और एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई अन्य पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और मामले में कई लोगों की पहचान की जा रही है।

कटिहार में भी सैकड़ों छात्रों ने जिला समाहरणालय के बाहर प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। यहां भी पथराव के बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया और 14 लोगों को गिरफ्तार किया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो में एक प्रदर्शनकारी के हाथ में लकड़ी और धातु काटने वाली कटर मशीन दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बेगूसराय समेत कई जिलों में प्रदर्शन
बेगूसराय में भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव हुआ, जिसमें दोनों पक्षों के कुछ लोग घायल हुए। मुंगेर और मुजफ्फरपुर से भी विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं।
छात्र आंदोलनों का रहा है लंबा इतिहास
बिहार लंबे समय से छात्र आंदोलनों का केंद्र रहा है। 1955 में रेल किराया वृद्धि के विरोध से लेकर 1974 के जयप्रकाश नारायण आंदोलन, 1990 के मंडल आयोग विरोध, 2022 के RRB NTPC विवाद और 2025 के BPSC परीक्षा विवाद तक राज्य में कई बड़े छात्र आंदोलन हो चुके हैं। अब NEET पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन भी राज्य के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में शामिल होता नजर आ रहा है।