केंद्र सरकार ने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए ₹1,264 करोड़ की महत्वपूर्ण रेलवे परियोजना को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने बल्लारी-गुंतकल रेलखंड पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इस परियोजना का उद्देश्य माल और यात्री ट्रेनों की आवाजाही को तेज, सुरक्षित और अधिक सुगम बनाना है।

46 किलोमीटर रेलखंड का होगा विस्तार
इस परियोजना के तहत करीब 46 किलोमीटर लंबे बल्लारी-गुंतकल सेक्शन पर अतिरिक्त तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। यह रेलखंड दक्षिण भारत के प्रमुख माल ढुलाई मार्गों में शामिल है, जहां वर्तमान में ट्रेनों का दबाव काफी अधिक है। नई लाइनों के निर्माण से रेल क्षमता बढ़ेगी और परिचालन में सुधार होगा।

माल और यात्री परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम करने, औद्योगिक गतिविधियों को गति देने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, रेल यातायात में भीड़भाड़ कम होगी और यात्रा का समय घट सकता है।
लाखों लोगों को होगा लाभ
सरकारी अनुमान के अनुसार, इस परियोजना से करीब 99 गांवों और लगभग 7 लाख लोगों को बेहतर रेल संपर्क का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, बल्लारी किला और श्री कुमारस्वामी मंदिर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी।

पीएम गति शक्ति योजना का हिस्सा
यह परियोजना पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत विकसित की जाएगी। सरकार के अनुसार, अतिरिक्त रेल लाइन बनने से माल ढुलाई क्षमता में लगभग 16.22 मिलियन टन प्रतिवर्ष की बढ़ोतरी होगी। साथ ही, ईंधन की बचत, कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
