बिहार में छात्रों के विरोध प्रदर्शन ने शनिवार को कई जिलों में उग्र रूप ले लिया। राजधानी पटना सहित भागलपुर, सीवान, छपरा, औरंगाबाद और सहरसा में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़पें हुईं। कई स्थानों पर पथराव, तोड़फोड़ और बल प्रयोग की घटनाएं सामने आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कुछ जगहों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़ने और हवाई फायरिंग का सहारा लेना पड़ा।

पटना में गांधी मैदान के आसपास तनाव
पटना के गांधी मैदान में प्रदर्शन के लिए जुटे छात्रों को पुलिस ने रोक दिया और आसपास किसी भी छात्र को एकत्र होने की अनुमति नहीं दी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया तथा पथराव की घटनाएं भी हुईं। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया।
तेज प्रताप यादव गिरफ्तार
छात्रों के समर्थन में गांधी मैदान पहुंचे पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को पहले पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने कहा कि वह छात्रों के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं और उनके संघर्ष का समर्थन जारी रहेगा।

तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया। विपक्षी दलों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
भागलपुर में पुलिस वाहनों में तोड़फोड़

भागलपुर में प्रदर्शनकारियों ने तिलका मांझी चौक पर खड़ी डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) की सरकारी गाड़ी और एक पुलिस वैन को निशाना बनाया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव किया गया और कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई।
सीवान में पुलिसकर्मी घायल
सीवान में पथराव के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फायरिंग भी की। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
औरंगाबाद समेत कई जिलों में प्रदर्शन
औरंगाबाद के रमेश चौक पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। वहीं, छपरा, सहरसा और भागलपुर से भी पथराव और प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं।

प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पूरे मामले की जांच भी की जा रही है।
