केंद्र सरकार पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित योजना के तहत वर्ष 2027 तक E21 और 2029 तक E25 पेट्रोल चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है। E25 पेट्रोल में 25 प्रतिशत इथेनॉल और 75 प्रतिशत पेट्रोल होगा। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, विदेशी मुद्रा की बचत करना और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना है।
सरकार के अनुसार, E20 पेट्रोल का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले ही हासिल कर लिया गया है। इसके बाद अब इथेनॉल मिश्रण को और बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, नए बदलाव को धीरे-धीरे लागू किया जाएगा ताकि वाहन निर्माता कंपनियों और उपभोक्ताओं को तकनीकी बदलावों के लिए पर्याप्त समय मिल सके। सरकार का दावा है कि इथेनॉल मिश्रण बढ़ने से हर साल करोड़ों बैरल कच्चे तेल की बचत होगी।

दूसरी ओर, E20 पेट्रोल को लेकर कई वाहन मालिक माइलेज में कमी और वाहन के प्रदर्शन से जुड़ी शिकायतें भी कर चुके हैं। इन चिंताओं के बीच सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों का कहना है कि नई तकनीक वाले वाहन अधिक इथेनॉल मिश्रित ईंधन के अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं। E25 लागू करने से पहले सभी आवश्यक तकनीकी और बुनियादी तैयारियां पूरी करने पर जोर दिया जा रहा है।


