बिहार के एक इनोवा हाइक्रॉस मालिक द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो के बाद E20 पेट्रोल को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। वाहन मालिक ने दावा किया था कि E20 पेट्रोल भरवाने के बाद उनकी कार में इंजन वाइब्रेशन, नॉकिंग और बंद होने जैसी समस्याएं आने लगीं। वीडियो वायरल होने के बाद सरकार की इथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति और वाहन निर्माताओं के दावों पर भी सवाल उठने लगे।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने स्पष्ट किया कि संबंधित इनोवा हाइक्रॉस मॉडल पूरी तरह E20 पेट्रोल के अनुरूप डिजाइन और प्रमाणित है। कंपनी के अनुसार, तकनीकी जांच में वाहन में आई खराबी का कारण E20 पेट्रोल नहीं, बल्कि दूषित और मानक के अनुरूप न होने वाला ईंधन पाया गया। जांच के दौरान फ्यूल टैंक और फ्यूल लाइन की सफाई के बाद वाहन सामान्य रूप से काम करने लगा।
टोयोटा ने ग्राहकों से केवल भरोसेमंद पेट्रोल पंपों से ईंधन भरवाने की अपील की है। कंपनी का कहना है कि खराब या मिलावटी ईंधन किसी भी वाहन के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है, जबकि E20 पेट्रोल को इस मामले के लिए जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। फिलहाल इस घटना ने ईंधन की गुणवत्ता और उसकी निगरानी को लेकर नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।


