महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने दो उम्मीदवारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया है। निलंबित नेताओं में वर्धा-चंद्रपुर-गडचिरोली सीट से उम्मीदवार शैलेश अग्रवाल और यवतमाल स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार साहेबराव कांबले शामिल हैं। कांग्रेस का आरोप है कि दोनों नेताओं ने पार्टी नेतृत्व को भरोसा दिलाकर उम्मीदवार बने, लेकिन अंतिम समय में अपना नामांकन वापस लेकर संगठन को मुश्किल में डाल दिया।
पार्टी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व को गुमराह किया और उनके इस कदम से चुनावी रणनीति को नुकसान पहुंचा है। इसके चलते उनकी प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी गई है। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि से पहले दोनों उम्मीदवारों के पीछे हटने से सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को सीधा फायदा मिलने की संभावना बढ़ गई है।

महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों पर चुनाव 18 जून को होने हैं, जबकि मतगणना 22 जून को होगी। माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी, Mahayuti और उसके सहयोगी दलों को इन घटनाक्रमों के बाद कई सीटों पर आसान जीत मिल सकती है। महायुति में Eknath Shinde की शिवसेना और Ajit Pawar के नेतृत्व वाली NCP शामिल हैं, जबकि विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) में कांग्रेस, Uddhav Thackeray की शिवसेना (UBT) और Sharad Pawar की NCP शामिल हैं।

कांग्रेस के इस कदम को पार्टी अनुशासन बनाए रखने और चुनाव से पहले गलत संदेश जाने से रोकने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।


