मानसून सत्र में आ सकता है परिसीमन विधेयक, क्षेत्रीय दलों से संवाद में जुटी केंद्र सरकार

Political June 5, 2026 By Rohit Kumar
News Image

केंद्र सरकार संसद के आगामी मानसून सत्र में परिसीमन से जुड़ा विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, इस बार सरकार किसी भी बड़े राजनीतिक विवाद से बचने के लिए पहले ही प्रमुख क्षेत्रीय दलों के साथ बातचीत कर रही है। इसी क्रम में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) समेत कई दलों से संपर्क किया गया है।

Advertisement

जानकारी के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य विधेयक पेश करने से पहले व्यापक सहमति बनाना है। पिछले वर्षों में परिसीमन के मुद्दे पर विभिन्न राज्यों, विशेषकर दक्षिण भारत के राजनीतिक दलों ने अपनी चिंताएं जताई थीं। ऐसे में केंद्र इस बार सभी पक्षों की राय लेकर आगे बढ़ना चाहता है।

Advertisement

सूत्रों का कहना है कि TMC के कुछ सांसद बातचीत के लिए सकारात्मक रुख दिखा रहे हैं, हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं DMK ने भी फिलहाल किसी प्रकार का कड़ा विरोध दर्ज नहीं कराया है और सरकार के प्रस्तावित ड्राफ्ट का इंतजार कर रही है।

Advertisement

परिसीमन वह प्रक्रिया है जिसके तहत जनसंख्या और भौगोलिक बदलावों के आधार पर लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण किया जाता है। इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों को जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व प्रदान करना होता है।

Advertisement

हालांकि इस मुद्दे पर सबसे बड़ी चिंता दक्षिणी राज्यों द्वारा जताई जा रही है। इन राज्यों का तर्क है कि उन्होंने वर्षों तक जनसंख्या नियंत्रण नीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया है। यदि भविष्य में केवल जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण किया गया, तो उनकी संसदीय हिस्सेदारी कम हो सकती है, जबकि अधिक जनसंख्या वाले राज्यों की सीटें बढ़ सकती हैं।

Advertisement

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यही कारण है कि परिसीमन का विषय केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक और संघीय संतुलन से भी जुड़ा हुआ है। सरकार अब ऐसा समाधान तलाशने की कोशिश कर रही है जिससे प्रतिनिधित्व और क्षेत्रीय संतुलन दोनों बनाए रखे जा सकें।

Advertisement

भारत में अब तक चार बार परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। यह 1952, 1962, 1973 और 2002 में लागू की गई थी। वर्तमान में लोकसभा की 543 सीटों की संख्या लंबे समय से स्थिर बनी हुई है।

Advertisement

मानसून सत्र आमतौर पर जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू होता है। यदि सरकार प्रस्तावित ड्राफ्ट पर पर्याप्त राजनीतिक समर्थन जुटाने में सफल रहती है, तो यह विधेयक इसी सत्र में संसद के समक्ष पेश किया जा सकता है। फिलहाल सभी दलों की नजर सरकार के नए मसौदे और उसके प्रावधानों पर टिकी हुई है।

Advertisement
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

Related News

News image
Political
मध्य प्रदेश और गुजरात में राज्यसभा चुनाव के नतीजे तय, कई उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल के बीच अब तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। कांग्रेस उम्मीदवार Meenakshi Natarajan का नामांकन रद्द...

News image
Political
UP चुनाव से पहले अखिलेश का बड़ा दावा, बोले- भाजपा 225 सीटों पर बदल सकती है उम्मीदवार

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट वितरण क...

News image
Political
NDA बैठक में छाया बंगाल का स्वाद, पीएम मोदी ने नेताओं के साथ साझा की झालमुड़ी

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक के दौरान एक अलग ही दृश्य देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प...

News image
Political
अयोध्या में 22 जून को शक्ति प्रदर्शन करेगी बसपा, विधानसभा प्रभारियों की नियुक्ति पर रहेगा फोकस

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति को धार देने के लिए 22 जून को अयोध्या (फैजाबाद) में एक ब...

News image
Political
मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद पर जल्द आ सकता है फैसला, चुनाव आयोग कानूनी पहलुओं की कर रहा समीक्षा

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र को लेकर पैदा हुआ विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में ...

News image
Political
ट्रिपल तलाक और एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को आवास व स्वास्थ्य सुरक्षा देगी योगी सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार ट्रिपल तलाक और एसिड अटैक जैसी गंभीर परिस्थितियों से प्रभावित महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्...