मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल के बीच अब तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। कांग्रेस उम्मीदवार Meenakshi Natarajan का नामांकन रद्द होने के बाद राज्य की तीसरी सीट पर मुकाबला समाप्त हो गया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन पर अपने हलफनामे में एक आपराधिक मामले या न्यायालय से जुड़े नोटिस की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया था। रिटर्निंग ऑफिसर ने आपत्तियों की सुनवाई और दस्तावेजों की जांच के बाद उनका नामांकन खारिज कर दिया। इसके बाद भाजपा उम्मीदवार Tarun Chugh, Rajneesh Agrawal और Mahesh Kewat निर्विरोध राज्यसभा के लिए चुने गए।
मामले को लेकर कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले पर रोक लगाने की मांग की गई थी। सुप्रीम Court की पीठ, जिसमें Justice Prashant Kumar Mishra और Justice Atul S. Chandurkar शामिल थे, ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि चुनावी प्रक्रिया के बीच न्यायालय को हस्तक्षेप से बचना चाहिए।
कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता Abhishek Manu Singhvi ने दलील दी कि चुनाव प्रक्रिया जारी रहने दी जाए, लेकिन परिणाम की घोषणा पर रोक लगाई जाए। हालांकि अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद मध्य प्रदेश की तीनों सीटों पर भाजपा की जीत सुनिश्चित हो गई।

उधर गुजरात में भी राज्यसभा की चार सीटों पर चुनावी मुकाबला नहीं हुआ। भाजपा के चारों उम्मीदवार — Raju Shukla, Mansingh Parmar, Mukesh Rathwa और Jitendra Kanjaria निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे हैं।
इस जीत के साथ गुजरात से राज्यसभा में सभी 11 सीटों पर भाजपा का कब्जा हो गया है। इसका मतलब है कि वर्ष 2029 तक गुजरात से कांग्रेस का कोई प्रतिनिधि राज्यसभा में नहीं रहेगा।

राजस्थान में भी राज्यसभा चुनाव बिना मुकाबले के समाप्त हो गए। यहां भाजपा के Satish Poonia और Alka Gurjar के साथ कांग्रेस के Neeraj Dangi निर्विरोध निर्वाचित हुए।
इन परिणामों ने राज्यसभा में भाजपा की संख्या और राजनीतिक पकड़ को और मजबूत किया है, जबकि कांग्रेस को कई राज्यों में प्रतिनिधित्व के मोर्चे पर झटका लगा है।


