मध्य प्रदेश के गुना विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर स्थानीय भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। रविवार को उन्होंने बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों के साथ बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और अधिकारियों से जवाब मांगा।
विधायक ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से अघोषित और अनियमित बिजली कटौती की जा रही है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि आखिर जनता को नियमित बिजली आपूर्ति क्यों नहीं मिल पा रही है।

प्रदर्शन के दौरान पन्नालाल शाक्य ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान दे। विधायक ने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है।

यहीं नहीं, उन्होंने गुना जिले के प्रभारी मंत्री को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। शाक्य ने आरोप लगाया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा और उनकी बातों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे।
जब बिजली विभाग के अधिकारियों ने अन्य शहरों का उदाहरण देते हुए स्थिति समझाने की कोशिश की, तो विधायक ने स्पष्ट कहा कि उनकी प्राथमिकता गुना की समस्याएं हैं और वे अपने क्षेत्र के लोगों की परेशानियों को लेकर जवाब चाहते हैं।
दरअसल, गुना और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर विधायक जनता के साथ विभागीय कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बनाया।

इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। विधायक के बयानों को लेकर पार्टी के भीतर मतभेदों की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि हाल ही में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि पार्टी में किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं है और संगठन पूरी तरह एकजुट होकर काम कर रहा है।
फिलहाल क्षेत्र की जनता बिजली संकट के समाधान का इंतजार कर रही है, जबकि विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।

