तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री Joseph Vijay ने पद संभालने के बाद पहली बार प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 25 मिनट तक बातचीत हुई, जिसमें तमिलनाडु से जुड़े कई लंबे समय से लंबित मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने केंद्र सरकार के सामने राज्य की सांस्कृतिक और प्रशासनिक मांगों को प्रमुखता से रखा। उन्होंने विशेष रूप से यह मांग उठाई कि तमिलनाडु में होने वाले सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” से पहले राज्य गीत “तमिल थाई वाझ्थु” गाने की अनुमति दी जाए। इसे तमिल संस्कृति और पहचान से जुड़ा अहम विषय बताया गया।
इसके अलावा विजय ने कावेरी नदी जल विवाद से जुड़े मेकेदातु परियोजना का मुद्दा भी प्रधानमंत्री के सामने रखा। यह मामला कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच लंबे समय से विवाद का कारण बना हुआ है। तमिलनाडु सरकार का कहना है कि इस परियोजना से राज्य के हिस्से के पानी पर असर पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तमिलनाडु के मछुआरों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि इस समय राज्य के 58 मछुआरे श्रीलंका की जेलों में बंद हैं, जबकि 288 नावें जब्त की जा चुकी हैं।
विजय ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर बंद मछुआरों की जल्द रिहाई सुनिश्चित करने और उनकी नावें वापस दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा तमिलनाडु के तटीय इलाकों में रहने वाले हजारों परिवारों की आजीविका से जुड़ा हुआ है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ विजय की यह पहली औपचारिक बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे केंद्र और तमिलनाडु सरकार के बीच भविष्य के संबंधों और सहयोग की दिशा को लेकर भी संकेत मिल सकते हैं।



