नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री Sher Bahadur Deuba को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय ने उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद देउबा की तत्काल गिरफ्तारी नहीं हो सकेगी।
यह मामला कथित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी जांच से संबंधित बताया जा रहा है। काठमांडू जिला अदालत द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद देउबा पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की पूरी कानूनी समीक्षा होने तक गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई उचित नहीं होगी। अदालत ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक Sher Bahadur Deuba और उनकी पत्नी Arzu Rana Deuba के खिलाफ कोई कठोर कदम न उठाया जाए।
देउबा नेपाल की राजनीति के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और कई बार देश के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। उनकी पत्नी अरजू राणा भी नेपाल की प्रमुख राजनीतिक हस्तियों में शामिल हैं। इस मामले के सामने आने के बाद नेपाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

विपक्षी दल इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि देउबा समर्थकों का कहना है कि यह राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश हो सकती है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देउबा को अस्थायी राहत जरूर मिल गई है, लेकिन मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


