प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के दौरे के तहत नॉर्वे पहुंचकर तीसरे इंडिया-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान भारत और नॉर्डिक देशों के बीच हरित तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल नवाचार और व्यापारिक सहयोग को लेकर कई अहम चर्चाएं हुईं। सम्मेलन में नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन के दौरान कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और नॉर्डिक देशों के संबंधों में विशेष प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि बीते दस वर्षों में दोनों पक्षों के बीच व्यापार करीब चार गुना बढ़ा है और नॉर्डिक देशों का निवेश भारत की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पीएम मोदी ने भारत-नॉर्डिक संबंधों को “ग्रीन टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के रूप में आगे बढ़ाने की घोषणा की।
सम्मेलन के दौरान स्वच्छ ऊर्जा, 6जी तकनीक, आर्कटिक रिसर्च, ब्लू इकोनॉमी, टिकाऊ विकास और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। भारत और नॉर्डिक देशों ने शोध, तकनीकी नवाचार और स्टार्टअप सहयोग को भी मजबूत करने पर सहमति जताई।

नॉर्वे यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वहां के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे से द्विपक्षीय वार्ता भी की। इसके अलावा उन्होंने डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन समेत अन्य नॉर्डिक नेताओं से भी मुलाकात कर व्यापार, निवेश और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
नॉर्वे दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपने पांच देशों के दौरे के अंतिम चरण में इटली पहुंचे, जहां वह प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी, व्यापार और रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा होने की संभावना है।


