पश्चिमी दिल्ली साइबर थाना पुलिस ने संगठित साइबर अपराध के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। अप्रैल महीने भर चले अभियान के दौरान पुलिस ने 89 साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया और करीब 40 करोड़ रुपये के ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। यह नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ था।
पुलिस के अनुसार, जिन लोगों ने ठगी होने के तुरंत बाद साइबर हेल्पलाइन 1930 या पुलिस से संपर्क किया, उन्हें “गोल्डन आवर” के दौरान बड़ी राहत मिली। त्वरित कार्रवाई के चलते करीब 1.11 करोड़ रुपये समय रहते ब्लॉक कर दिए गए। वहीं अदालत के आदेश के बाद 51.95 लाख रुपये पीड़ितों के खातों में वापस भी कराए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी निगरानी और बैंक लेनदेन की जांच के जरिए कई बड़े गिरोहों तक पहुंच बनाई गई। इस दौरान 34 बड़े साइबर ठगी मामलों को सुलझाया गया। अभियान में 35 हार्डकोर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 54 संदिग्धों को पूछताछ के बाद कानूनी कार्रवाई के तहत पाबंद किया गया।
हाईटेक साइबर गैंग का खुलासा

पुलिस ने करमपुरा इलाके में चल रहे एक बड़े म्यूल अकाउंट और ओटीपी शेयरिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। छापेमारी के दौरान आरोपी इमारत से कूदकर भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि गिरोह व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए फर्जी खातों के ओटीपी और बैंकिंग जानकारी साझा करता था। आरोपियों के पास से सैकड़ों सिम कार्ड और एटीएम कार्ड बरामद किए गए।
फर्जी डेटिंग और हनीट्रैप रैकेट भी पकड़ा गया

एक अन्य गिरोह सोशल मीडिया और टेलीग्राम के जरिए लोगों को फर्जी महिला प्रोफाइल दिखाकर जाल में फंसाता था। आरोपियों पर वीआईपी सदस्यता और ऑनलाइन डेटिंग के नाम पर पैसे ऐंठने का आरोप है। पुलिस को जांच में इस गिरोह के विदेशी नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत भी मिले हैं।
बुजुर्गों को डराकर ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार
पुलिस ने ऐसे गिरोह का भी पर्दाफाश किया जो खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों, खासकर बुजुर्गों, को “डिजिटल गिरफ्तारी” का डर दिखाता था। आरोपी मनी लॉन्ड्रिंग और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर लोगों से रकम वसूलते थे।

भारी मात्रा में सामान बरामद
अभियान के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, सक्रिय सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, लैपटॉप, चेकबुक, पासबुक और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ आगे भी इसी तरह अभियान जारी रहेगा।

