दिल्ली के पश्चिमी जिले में नारायणा थाना पुलिस ने आधुनिक फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) तकनीक की मदद से दिनदहाड़े हुई चोरी के मामले का खुलासा करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने एक किराना दुकान से करीब 50 हजार रुपये की नकदी से भरा कैश बॉक्स चोरी कर लिया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के जरिए दोनों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना शनिवार सुबह करीब 8:18 बजे रिंग रोड स्थित नारायणा इलाके में हुई थी। स्कूटी सवार दो युवक दुकान के बाहर पहुंचे और मौका पाकर नकदी से भरा कैश बॉक्स लेकर फरार हो गए। घटना की शिकायत मिलने के बाद नारायणा थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में स्कूटी चालक हेलमेट पहने दिखाई दिया और वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी, लेकिन पीछे बैठे युवक का चेहरा साफ नजर आ रहा था। पुलिस ने इसी चेहरे की पहचान के लिए फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) और तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया, जिससे मुख्य आरोपित की पहचान संदीप के रूप में हुई।
इसके बाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दक्षिण दिल्ली के मदनगीर इलाके में छापेमारी कर संदीप और उसके साथी दयाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी आदतन अपराधी हैं और दोनों अपने-अपने थाना क्षेत्रों के घोषित बदमाश (बीसी) हैं।
गिरफ्तार आरोपितों में संदीप पर झपटमारी और चोरी के 24 से अधिक मामले दर्ज हैं, जबकि दयाल के खिलाफ 15 से ज्यादा आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। दोनों मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में तकनीक और त्वरित कार्रवाई ने अहम भूमिका निभाई है। मामले की आगे की जांच जारी है।


