दिल्ली-एनसीआर में अपराधियों को अवैध हथियार सप्लाई करने वाले मेवात आधारित एक अंतरराज्यीय हथियार तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए द्वारका जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। स्पेशल स्टाफ की टीम ने गिरोह के मुख्य सरगना को करीब आठ महीने की तलाश के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे और उसकी निशानदेही पर बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई “नो गन्स, नो गैंग्स” अभियान के तहत की गई। उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष 13 सितंबर को गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी कुंवर पाल उर्फ कपिल को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से आठ देसी कट्टे और 10 कारतूस बरामद हुए थे। इस मामले में बाबा हरिदास नगर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

पूछताछ के दौरान आरोपी कुंवर पाल ने खुलासा किया था कि वह राजस्थान के मेवात क्षेत्र निवासी हरमेश सिंह उर्फ मेचू के कहने पर दिल्ली में हथियार सप्लाई करने आया था। इसके बाद से पुलिस लगातार हरमेश सिंह की तलाश में जुटी हुई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, जिसके चलते उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था।
पुलिस ने 18 मई को राजस्थान के डीग जिले के जुरहेरा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम सेहसन में छापेमारी की। घेराबंदी कर 47 वर्षीय मुख्य हथियार सप्लायर हरमेश सिंह उर्फ मेचू को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने एक अत्याधुनिक पिस्टल, पांच देसी कट्टे और 10 कारतूस अतिरिक्त बरामद किए।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले में अब तक कुल 14 पिस्टल, जिनमें एक अत्याधुनिक पिस्टल और 13 देसी कट्टे शामिल हैं, तथा 20 कारतूस बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी हरमेश सिंह के खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और दिल्ली-एनसीआर के उन अपराधियों की पहचान करने में जुटी है, जिन्हें यह गिरोह हथियार सप्लाई करता था।


