केरल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सीएम वीडी सतीशन के साथ ही उनकी पूरी कैबिनेट के 20 मंत्रियों ने भी सोमवार को एक साथ शपथ ली। इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री सतीशन ने बताया कि केरल के इतिहास में पूरे 60 साल बाद ऐसा हुआ है जब यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की पूरी कैबिनेट ने एक साथ शपथ ग्रहण की है।
इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में देश भर के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे विशेष रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री, राज्य के पूर्व सीएम व वामपंथी नेता पिनाराई विजयन और भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर भी इस समारोह के गवाह बने। इस खास पल का हिस्सा बनने के लिए केरल के कोने-कोने से हजारों की संख्या में कांग्रेस और यूडीएफ के कार्यकर्ता राजधानी तिरुवनंतपुरम पहुंचे थे, जिससे पूरा स्टेडियम खचाखच भरा नजर आया।
UDF को मिली है प्रचंड बहुमत, मंत्रियों के विभागों की चर्चा तेज
केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए बीते 9 अप्रैल को मतदान हुआ था, जिसके परिणाम 4 मई को घोषित किए गए थे। इन चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) गठबंधन ने 102 सीटों पर शानदार जीत हासिल कर पूर्ण बहुमत प्राप्त किया, जबकि एलडीएफ (LDF) को 35 और भाजपा को 3 सीटें मिली हैं। हालांकि, अभी नई कैबिनेट के मंत्रियों को विभागों का आधिकारिक आवंटन नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला को गृह और विजिलेंस विभाग की जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके अलावा थिरुवंचूर राधाकृष्णन को विधानसभा स्पीकर, के मुरलीधरन को ऊर्जा, एपी अनिल कुमार को स्वास्थ्य, एम लिजु को राजस्व, शिबु बेबी जॉन को कृषि और आईयूएमएल के नेता एन शम्सुद्दीन को शिक्षा मंत्रालय की कमान सौंपी जा सकती है।
छात्र राजनीति से सीएम की कुर्सी तक: ऐसा रहा वीडी सतीशन का सफर
31 मई 1964 को कोच्चि में जन्मे वदस्सेरी दामोदरन सतीशन (वीडी सतीशन) को केरल की राजनीति में एक बेहद जुझारू और जमीनी नेता माना जाता है। उन्होंने सोशल वर्क में मास्टर डिग्री (MSW) करने के साथ-साथ कानून की उच्च शिक्षा (LLB और LLM) भी हासिल की है। राजनीति में आने से पहले उन्होंने करीब 10 सालों तक केरल हाई कोर्ट में वकालत भी की थी। उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत कॉलेज के दिनों में केरल स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) से हुई थी और वे एनएसयूआई (NSUI) के राष्ट्रीय सचिव भी रहे।

वीडी सतीशन ने अपना पहला विधानसभा चुनाव साल 1996 में परावूर सीट से लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और साल 2001 में इसी सीट से दोबारा चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपनी आक्रामक व साफ-सुथरी राजनीति के दम पर केरल कांग्रेस में अपनी मजबूत पहचान बनाई। इस बार के चुनाव में उनके कुशल नेतृत्व में ही यूडीएफ गठबंधन ने राज्य में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जिसके इनाम के तौर पर पार्टी ने उन्हें केरल की कमान सौंपी है।



