वरिष्ठ नेता Sharad Pawar ने देश की मौजूदा आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi से सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी खर्च कम करने या वीआईपी काफिलों को छोटा करने जैसे प्रतीकात्मक कदमों से हालात नहीं सुधरेंगे, बल्कि व्यापक स्तर पर राजनीतिक सहमति और ठोस नीति की जरूरत है।
शरद पवार ने कहा कि देश इस समय कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनमें महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक दबाव और सामाजिक तनाव जैसे मुद्दे शामिल हैं। उनके मुताबिक, ऐसे समय में सभी राजनीतिक दलों को साथ बैठाकर चर्चा करना जरूरी है ताकि राष्ट्रीय स्तर पर एक साझा रणनीति तैयार की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को केवल आलोचना तक सीमित रखने के बजाय संवाद की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए।
एनसीपी प्रमुख ने संकेत दिया कि सरकार को सिर्फ दिखावटी फैसलों के बजाय जमीनी समस्याओं पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि आम लोगों पर बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव का असर साफ दिखाई दे रहा है, इसलिए केंद्र को सभी पक्षों की राय लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शरद पवार का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में आर्थिक मुद्दों और बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। वहीं, सर्वदलीय बैठक की मांग को विपक्षी एकजुटता के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।



