ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच शांति समझौते की उम्मीदें कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं। ईरान ने संघर्ष खत्म करने के लिए अमेरिका की ओर से दिए गए प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पश्चिम एशिया में दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू करने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने युद्धविराम के लिए कई शर्तें रखी हैं। इनमें लेबनान समेत सभी मोर्चों पर संघर्ष खत्म करना, होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता बनाए रखना, युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा और अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी खत्म करना शामिल है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की प्रतिक्रिया पर नाराजगी जताते हुए कहा कि तेहरान का जवाब बेहद कमजोर और निराशाजनक है। उन्होंने संकेत दिए कि अगर हालात नहीं सुधरे तो युद्धविराम पर संकट गहरा सकता है। बताया जा रहा है कि ट्रंप इस सप्ताह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान भी ईरान मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
उधर, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखने लगा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। यह समुद्री मार्ग दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है।
अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि क्षेत्र में उसकी नौसैनिक गतिविधियां जारी हैं और कई जहाजों को डायवर्ट किया गया है। वहीं अमेरिका ने ईरान के तेल कारोबार से जुड़े कुछ व्यक्तियों और कंपनियों पर नए प्रतिबंध भी लगाए हैं।
ईरान की ओर से भी सख्त बयान सामने आए हैं। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर दोबारा हमला हुआ तो उसका जवाब तुरंत दिया जाएगा।

इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या काफी कम हो गई है। कई तेल टैंकर कथित तौर पर ट्रैकिंग सिस्टम बंद करके रास्ता पार कर रहे हैं ताकि संभावित हमलों से बचा जा सके।

पश्चिम एशिया में जारी इस तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर लगातार बढ़ता जा रहा है।