बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 358.92 अंक चढ़कर 77,245.83 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 101.2 अंकों की बढ़त के साथ 24,096.90 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।

वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों, खासकर पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य गतिविधियां रोकने के प्रस्ताव ने बाजार में तेजी को बल दिया है।

ब्रॉडर मार्केट में भी मजबूती देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में लगभग 0.7 प्रतिशत और मिडकैप 100 इंडेक्स में करीब 0.6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

कंपनी स्तर पर जोमैटो और उसकी मूल कंपनी इटरनल के शेयरों में चार प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा मारुति सुजुकी, अदाणी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई। वहीं एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व और एक्सिस बैंक में हल्की गिरावट रही।
हालांकि बाजार की तेजी के बीच कुछ चिंताएं भी बनी हुई हैं। कच्चे तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं, जहां ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बना रहता है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली भी बाजार पर दबाव डाल रही है। मंगलवार को एफआईआई ने करीब 2,104 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
इसी बीच, भारतीय रुपये में भी कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में रुपया 11 पैसे गिरकर डॉलर के मुकाबले 94.79 पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, डॉलर की बढ़ती मांग और विदेशी निवेश की निकासी इसका मुख्य कारण है।
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम, खासकर ईरान-अमेरिका संबंधों और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। इसके अलावा निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसलों और घरेलू राजनीतिक घटनाओं पर भी बनी रहेगी।