एफआईएच मेन्स प्रो लीग 2026 में भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबलों से पहले पाकिस्तान हॉकी टीम के अंदर गहरा असंतोष देखने को मिल रहा है। टीम के खिलाड़ियों ने अपनी ही फेडरेशन पर सवाल उठाते हुए तैयारी की कमी, खराब सुविधाओं और आर्थिक परेशानियों को लेकर खुलकर नाराजगी जताई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जून में होने वाले अहम मुकाबलों से पहले भी पाकिस्तान टीम के लिए अब तक कोई ट्रेनिंग कैंप आयोजित नहीं किया गया है। इतना ही नहीं, टीम के लिए किसी विदेशी या अनुभवी कोच की नियुक्ति भी नहीं की गई है, जिससे खिलाड़ियों का मनोबल प्रभावित हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, खिलाड़ियों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से भारत के खिलाफ जीत हासिल नहीं हो पाई है, ऐसे में इस बार बेहतर तैयारी की जरूरत थी। लेकिन फेडरेशन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे टीम के भीतर निराशा बढ़ गई है।

पाकिस्तान का प्रदर्शन भी इस समय चिंता का विषय बना हुआ है। प्रो लीग में टीम अब तक एक भी मुकाबला जीतने में सफल नहीं हो पाई है और नीदरलैंड, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसी मजबूत टीमों से हार झेल चुकी है। ऐसे में भारत और इंग्लैंड के खिलाफ आगामी मुकाबले टीम के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं।
कोचिंग को लेकर भी विवाद सामने आया है। खिलाड़ियों ने अनुभवी विदेशी कोच की मांग की थी, लेकिन फेडरेशन ने इस पर ध्यान नहीं दिया और पूर्व ओलंपियन कोच की नियुक्ति कर दी, जिसे लेकर टीम के भीतर असंतोष और बढ़ गया है।
इसके अलावा आर्थिक मुद्दे भी खिलाड़ियों की नाराजगी की बड़ी वजह बने हुए हैं। खिलाड़ियों का दावा है कि उन्हें तय किए गए भत्ते से काफी कम भुगतान मिला है और कई खिलाड़ियों को अब तक केंद्रीय अनुबंध और मैच फीस भी नहीं दी गई है।
ऐसे हालात में भारत के खिलाफ होने वाला मुकाबला पाकिस्तान के लिए आसान नहीं होने वाला है। जहां एक तरफ भारत मजबूत फॉर्म में है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान टीम आंतरिक समस्याओं और कमजोर तैयारी से जूझ रही है। अगर जल्द ही हालात नहीं सुधरे, तो प्रो लीग में पाकिस्तान का प्रदर्शन और प्रभावित हो सकता है।