आईपीएल 2026 में Kolkata Knight Riders और Lucknow Super Giants के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले में तेज गेंदबाज Kartik Tyagi चर्चा का केंद्र बन गए। आखिरी ओवर में उन्होंने दो बीमर (कमर से ऊपर फुल टॉस गेंद) डालीं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें गेंदबाजी जारी रखने की अनुमति मिल गई। यही बात फैंस और एक्सपर्ट्स को चौंका रही थी।

आम तौर पर माना जाता है कि दो बीमर डालने के बाद गेंदबाज को तुरंत अटैक से हटा दिया जाता है, लेकिन यहां मामला थोड़ा अलग था। दरअसल, आईपीएल के नियमों में “अनफेयर” (नो-बॉल) और “डेंजरस” (खतरनाक गेंद) के बीच स्पष्ट अंतर किया गया है।

नियमों के मुताबिक, हर कमर से ऊपर फुल टॉस गेंद को नो-बॉल यानी “अनफेयर” माना जाता है। लेकिन हर ऐसी गेंद “डेंजरस” नहीं होती। अगर अंपायर को लगे कि गेंद बल्लेबाज को चोट पहुंचा सकती है, तभी उसे खतरनाक माना जाता है।

इस मैच में त्यागी की पहली बीमर को खतरनाक माना गया, लेकिन दूसरी बीमर को अंपायर ने “डेंजरस” कैटेगरी में नहीं रखा। यही वजह रही कि नियमों के तहत उन्हें गेंदबाजी जारी रखने की अनुमति मिली। क्योंकि किसी गेंदबाज को तभी रोका जाता है, जब वह दो “खतरनाक” गेंदें डालता है—सिर्फ दो नो-बॉल नहीं।
मैच के दौरान यह स्थिति बेहद तनावपूर्ण थी। लखनऊ को आखिरी ओवर में जीत के लिए रन चाहिए थे और दबाव में त्यागी से ये गलती हुई। हालांकि उन्होंने वापसी करते हुए विकेट भी लिया, लेकिन मैच का रोमांच तब चरम पर पहुंच गया जब आखिरी गेंद पर छक्का लगा और मुकाबला सुपर ओवर तक पहुंच गया।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि नियमों की बारीकी समझने का भी मामला है। कई बार जो चीज गलत लगती है, वह नियमों के हिसाब से बिल्कुल सही होती है—और इस मैच में भी यही देखने को मिला।