भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एशियाई खेलों से पहले बड़ा झटका लगा है… टीम के उभरते हुए गोलकीपर प्रिंसदीप सिंह अब इस साल होने वाले एशियाड में खेलते नजर नहीं आएंगे।

दरअसल, प्रिंसदीप सिंह के बाएं कंधे में गंभीर चोट पाई गई है, जिसके चलते उन्हें सर्जरी करानी पड़ेगी। यह चोट कंधे के लेब्रल हिस्से में है, जो किसी भी गोलकीपर के लिए बेहद अहम माना जाता है।

डॉक्टरों के अनुसार, सर्जरी के बाद पूरी तरह फिट होने में करीब 6 महीने तक का समय लग सकता है। ऐसे में सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों में उनकी वापसी लगभग नामुमकिन मानी जा रही है।

यह सर्जरी मुंबई में मशहूर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. दिनशा पारदीवाला द्वारा की जाएगी। बताया जा रहा है कि इस पूरी प्रक्रिया में करीब 6.5 लाख रुपये का खर्च आएगा, जिसे मेडिकल इंश्योरेंस और सरकारी टॉप्स स्कीम के जरिए कवर किया जाएगा।
प्रिंसदीप सिंह सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि टीम इंडिया के भविष्य के मजबूत गोलकीपर के रूप में देखे जा रहे थे। खासकर जूनियर हॉकी विश्व कप में उनका प्रदर्शन काफी चर्चा में रहा था, जहां उन्होंने पेनल्टी शूटआउट में शानदार खेल दिखाकर भारत को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।
इसके अलावा, वह जूनियर एशिया कप जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रहे हैं और उन्हें भारतीय हॉकी के दिग्गज गोलकीपर पीआर श्रीजेश का संभावित विकल्प माना जा रहा था।
सूत्रों के मुताबिक, यह चोट नई नहीं है। प्रिंस पिछले एक-दो साल से इस समस्या से जूझ रहे थे, लेकिन लगातार खेलते रहे। अब दर्द बढ़ने के बाद सर्जरी का फैसला लेना पड़ा।
उनकी गैरमौजूदगी में अब एशियाई खेलों के लिए गोलकीपर की रेस और दिलचस्प हो गई है। टीम में जगह बनाने के लिए कृष्ण बहादुर पाठक, सूरज करकेगा, पवन और मोहित जैसे खिलाड़ियों के बीच मुकाबला होगा।
यह चोट सिर्फ एक खिलाड़ी का नुकसान नहीं, बल्कि टीम की तैयारियों पर भी असर डाल सकती है। क्योंकि बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम का संतुलन और संयोजन बेहद अहम होता है।
अब देखना होगा कि भारतीय टीम इस झटके से कैसे उबरती है और नए गोलकीपर के साथ एशियाड में कैसा प्रदर्शन करती है।