उत्तर कोरिया ने रूस-यूक्रेन युद्ध में मारे गए अपने सैनिकों की याद में प्योंगयांग में एक भव्य स्मारक और सैन्य संग्रहालय का उद्घाटन किया है। इस कार्यक्रम में देश के शीर्ष नेता Kim Jong Un भी शामिल हुए। यह आयोजन रूस के कुर्स्क क्षेत्र को यूक्रेन से मुक्त कराने की पहली वर्षगांठ के मौके पर किया गया, जिसे उत्तर कोरिया ने अपने सैन्य सहयोग का प्रतीक बताया।

समारोह के दौरान किम जोंग-उन ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तर कोरिया और Russia के बीच संबंध अब केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि “खून से जुड़े” हैं और इसे एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी में बदला जाएगा।

किम ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि बदलते वैश्विक हालात में दोनों देशों को एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। उनके अनुसार, यह गठबंधन भविष्य में आने वाली किसी भी चुनौती से निपटने में अहम भूमिका निभाएगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ष 2024 से उत्तर कोरिया ने रूस को हजारों सैनिक और सैन्य उपकरण उपलब्ध कराए हैं, जो Russia-Ukraine War में सहयोग के लिए भेजे गए थे। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसियों का दावा है कि इस संघर्ष में हजारों उत्तर कोरियाई सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं।
इस कार्यक्रम में रूसी अधिकारियों की मौजूदगी भी दोनों देशों के गहरे होते रिश्तों का संकेत मानी जा रही है। Vladimir Putin ने भी संदेश भेजकर कहा कि यह स्मारक दोनों देशों की दोस्ती का प्रतीक है और भविष्य में यह संबंध और मजबूत होंगे।
किम जोंग-उन और रूसी प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में सैन्य सहयोग, राजनीतिक साझेदारी और भविष्य की रणनीतियों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में उनका सहयोग और गहरा हो सकता है, जिससे वैश्विक राजनीति पर भी असर पड़ने की संभावना है।