पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Masoud Pezeshkian ने स्पष्ट कर दिया है कि Iran किसी भी तरह के दबाव या धमकी के माहौल में युद्धविराम पर बातचीत नहीं करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में संघर्ष के बीच शांति वार्ता की कोशिशें जारी हैं।

फोन बातचीत में क्या कहा गया?

ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने Shehbaz Sharif के साथ फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि मौजूदा हालात में अमेरिका लगातार दबाव की नीति अपना रहा है, जो किसी भी शांति प्रक्रिया के लिए सही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि United States द्वारा लगाए गए समुद्री प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन हैं।

युद्धविराम पर अविश्वास
ईरान ने यह भी कहा कि बातचीत और युद्धविराम के बीच लगातार समझौतों का उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे भरोसा कमजोर हो रहा है। तेहरान का मानना है कि जब तक माहौल निष्पक्ष और संतुलित नहीं होगा, तब तक किसी भी प्रकार की सार्थक वार्ता संभव नहीं है।
क्षेत्रीय तनाव पर चेतावनी
ईरानी राष्ट्रपति ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि Israel या United States की ओर से कोई नई सैन्य कार्रवाई होती है, तो उसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जो न केवल क्षेत्र बल्कि वैश्विक स्थिरता को भी प्रभावित करेंगे।
पाकिस्तान की मध्यस्थता भूमिका
इस बीच Pakistan शांति वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रहा है।
ट्रंप का बड़ा फैसला
वहीं Donald Trump ने ईरान के प्रस्ताव को पर्याप्त न मानते हुए अपने दूतों का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया है। इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी गहरे बने हुए हैं।
कूटनीतिक गतिविधियां तेज
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी क्षेत्रीय तनाव के बीच मिस्र और तुर्किये के नेताओं से बातचीत की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कूटनीतिक स्तर पर गतिविधियां लगातार जारी हैं।
फिलहाल, पश्चिम एशिया में हालात नाजुक बने हुए हैं। एक तरफ युद्धविराम की कोशिशें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ अविश्वास और तनाव के कारण समाधान की राह अभी भी जटिल दिखाई दे रही है।