जापानी ऑटो दिग्गज Honda Motor Co., Ltd. ने बड़ा फैसला लेते हुए ऐलान किया है कि वह 2026 के अंत तक दक्षिण कोरिया में अपनी कारों की बिक्री बंद कर देगी। इस फैसले के साथ कंपनी करीब दो दशकों बाद इस बाजार से बाहर हो जाएगी।

क्या पूरी तरह बंद हो जाएगा कारोबार?

कंपनी ने साफ किया है कि कारों की बिक्री बंद की जाएगी, लेकिन उसकी स्थानीय इकाई Honda Korea Co., Ltd. आफ्टर-सेल्स सेवाएं जारी रखेगी।

इसमें सर्विस, स्पेयर पार्ट्स और वारंटी जैसी सुविधाएं शामिल होंगी, ताकि मौजूदा ग्राहकों को किसी तरह की परेशानी न हो।
क्यों लिया गया यह फैसला
होंडा के अनुसार, यह निर्णय बदलते वैश्विक ऑटो बाजार और दक्षिण कोरिया में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए लिया गया है।
खासतौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग और Tesla व BYD जैसी कंपनियों से मिल रही कड़ी चुनौती ने पारंपरिक कार कंपनियों पर दबाव बढ़ा दिया है।
दक्षिण कोरिया में कैसा रहा सफर
होंडा ने साल 2001 में दक्षिण कोरिया में एंट्री की थी और Honda Accord व Honda CR-V जैसे लोकप्रिय मॉडल्स के जरिए अपनी पहचान बनाई।
2008 में कंपनी ने यहां 10,000 यूनिट्स की सालाना बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया था, जो उस समय बड़ी उपलब्धि मानी गई थी।
हाल के वर्षों में आई गिरावट
पिछले कुछ समय में कंपनी की बिक्री में गिरावट देखने को मिली है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल होंडा की बिक्री में करीब 22 प्रतिशत की कमी आई।
इसका मुख्य कारण बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती हिस्सेदारी और ग्राहकों की बदलती पसंद मानी जा रही है।
आगे क्या है कंपनी की रणनीति
होंडा ने संकेत दिए हैं कि वह दक्षिण कोरिया में अपने मोटरसाइकिल कारोबार पर फोकस बनाए रखेगी।
साथ ही, कंपनी वैश्विक स्तर पर अपने बिजनेस मॉडल को री-स्ट्रक्चर कर रही है, जिसमें इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
निष्कर्ष
होंडा का यह फैसला साफ संकेत देता है कि ऑटो इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के बीच पारंपरिक कंपनियां अब अपनी रणनीति बदलने को मजबूर हो रही हैं।