सूर्य के मेष राशि में गोचर के साथ ही खरमास की अवधि समाप्त हो चुकी है, जिससे मांगलिक कार्यों पर लगा विराम खत्म हो गया है। अब विवाह का शुभ समय शुरू हो चुका है और घरों में शादी की तैयारियां तेज हो गई हैं।

ज्योतिष के अनुसार अप्रैल और मई 2026 का समय विवाह के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। इस दौरान ग्रहों की अनुकूल स्थिति दांपत्य जीवन में सुख, समृद्धि और स्थिरता लाने वाली मानी जाती है।

🔮 ग्रहों की स्थिति क्यों है खास?

पंचांग के अनुसार इस अवधि में शुक्र और बृहस्पति ग्रह की स्थिति बेहद शुभ मानी जा रही है।
शुक्र ग्रह प्रेम, विवाह और आकर्षण का कारक है
बृहस्पति ग्रह सुख, समृद्धि और वैवाहिक स्थिरता का प्रतीक माना जाता है
इन दोनों ग्रहों का सकारात्मक प्रभाव विवाह के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है।
📅 अप्रैल–मई में कितने हैं विवाह मुहूर्त?
इस बार विवाह के शुभ मुहूर्त अक्षय तृतीया से शुरू हो चुके हैं।
👉 अप्रैल और मई 2026 में कुल 16 शुभ विवाह मुहूर्त बन रहे हैं।
हालांकि, ज्येष्ठ मास के बाद आने वाले पुरुषोत्तम मास में कुछ समय के लिए फिर मांगलिक कार्यों पर रोक लग सकती है।
📆 अप्रैल 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त
15 अप्रैल 2026 (बुधवार)
20 अप्रैल 2026 (सोमवार)
21 अप्रैल 2026 (मंगलवार)
25 अप्रैल 2026 (शनिवार)
26 अप्रैल 2026 (रविवार)
27 अप्रैल 2026 (सोमवार)
28 अप्रैल 2026 (मंगलवार)
29 अप्रैल 2026 (बुधवार)
📆 मई 2026 के संभावित शुभ मुहूर्त
मई महीने में भी कई शुभ तिथियां बन रही हैं, जिनमें विवाह के लिए अनुकूल संयोग रहेगा। (स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि की पुष्टि करना आवश्यक होता है।)
⚠️ ध्यान रखने वाली जरूरी बातें
विवाह से पहले कुंडली मिलान कराना जरूरी माना जाता है
शुभ मुहूर्त के साथ-साथ परिवार और परंपराओं का ध्यान रखना चाहिए
स्थानीय पंडित या ज्योतिषाचार्य से तिथि की पुष्टि जरूर करें
📌 निष्कर्ष
खरमास समाप्त होते ही विवाह का शुभ समय शुरू हो गया है। अप्रैल और मई 2026 में बन रहे शुभ मुहूर्त शादी के लिए अनुकूल माने जा रहे हैं। ऐसे में जो लोग विवाह की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह समय बेहद शुभ साबित हो सकता है।