गुरुवार को बाल क्यों नहीं धोते? जानिए इसके पीछे की धार्मिक मान्यताएं

Religious April 22, 2026 By Bharat B. Malviya
News Image

आपने अक्सर घर के बड़े-बुजुर्गों को यह कहते हुए सुना होगा कि गुरुवार के दिन बाल नहीं धोने चाहिए। कई लोग इस नियम का पालन भी करते हैं, लेकिन इसके पीछे की वजह बहुत कम लोग जानते हैं

Advertisement

हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवता को समर्पित होता है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ और व्रत का विशेष महत्व होता है।

Advertisement

क्या कहती हैं धार्मिक मान्यताएं

Advertisement

मान्यता है कि गुरुवार के दिन बाल धोने या कटवाने से देवगुरु बृहस्पति की कृपा कमजोर हो सकती है। बृहस्पति को ज्ञान, विवाह, संतान और समृद्धि का कारक माना जाता है।

ऐसे में इस दिन बाल धोने से घर की सुख-समृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और जीवन में रुकावटें आ सकती हैं।

नाखून काटने से भी क्यों किया जाता है मना

केवल बाल ही नहीं, बल्कि गुरुवार को नाखून काटने से भी मना किया जाता है।

ऐसी मान्यता है कि इससे घर की बरकत कम हो सकती है और आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है।

पति और परिवार से जुड़ी मान्यता

कुछ परंपराओं में यह भी कहा जाता है कि महिलाएं अगर गुरुवार को बाल धोती हैं, तो इससे पति की प्रगति और करियर पर असर पड़ सकता है।

इसी वजह से कई घरों में महिलाएं इस दिन विशेष सावधानी रखती हैं और पूजा-पाठ पर अधिक ध्यान देती हैं।

गुरुवार को क्या करना होता है शुभ

गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा करना बेहद फलदायी माना जाता है।

इस दिन व्रत रखने, पीले वस्त्र पहनने और दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि और भाग्य का साथ मिलता है।

निष्कर्ष

गुरुवार को बाल न धोने की परंपरा धार्मिक मान्यताओं और आस्था से जुड़ी हुई है। यह नियम विज्ञान से ज्यादा विश्वास पर आधारित है, इसलिए इसे मानना या न मानना पूरी तरह व्यक्ति की श्रद्धा पर निर्भर करता है।

AdvertisementAdvertisementAdvertisement

Related News

News image
Religious
खरमास खत्म, शुरू हुआ शादी का सीजन: अप्रैल–मई 2026 के शुभ मुहूर्त

सूर्य के मेष राशि में गोचर के साथ ही खरमास की अवधि समाप्त हो चुकी है, जिससे मांगलिक कार्यों पर लगा विराम खत्म हो गया है। अब विवाह का शुभ समय शुरू ह...

News image
Religious
2 मई से शुरू होगा ज्येष्ठ माह: जानें महत्व, नियम और भाग्य बदलने वाले उपाय

सनातन धर्म में ज्येष्ठ मास को बेहद पवित्र और आध्यात्मिक उन्नति का समय माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू ...

News image
Religious
क्यों खास है गंगा सप्तमी? जानें इसकी पौराणिक कथा, मान्यताएं और महत्व

भारतीय संस्कृति में नदियों को केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि जीवन देने वाली शक्ति और देवी के रूप में पूजा जाता है। इन्हीं में सबसे पवित्र मानी जाती ह...

News image
Religious
नृसिंह जयंती 2026 कब है? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के अवतारों का विशेष महत्व माना जाता है, और उन्हीं में से एक हैं भगवान नृसिंह—जो अपने भक्तों की रक्षा के लिए उग्र रूप मे...

News image
Religious
खरमास खत्म, शादी का सीजन शुरू! जानिए अप्रैल–मई 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त

लंबे इंतजार के बाद अब शादी का सीजन एक बार फिर शुरू हो गया है। सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करते ही खरमास समाप्त हो चुका है और इसके साथ ही मांगलिक क...

News image
Religious
खरमास खत्म, शादी का सीजन शुरू! जानिए अप्रैल–मई 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त

लंबे इंतजार के बाद अब शादी का सीजन एक बार फिर शुरू हो गया है। सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करते ही खरमास समाप्त हो चुका है और इसके साथ ही मांगलिक क...