सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए भारी गिरावट के साथ हुई। सोमवार, 13 अप्रैल को BSE Sensex करीब 1000 अंक गिरकर 76,500 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं Nifty 50 भी 300 अंकों की गिरावट के साथ 23,750 के आसपास पहुंच गया।

आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव सरकारी बैंकिंग शेयरों में देखने को मिला, जहां तेज बिकवाली दर्ज की गई।

वैश्विक कारणों से बाजार पर दबाव

बाजार में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का बेनतीजा रहना माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच पाकिस्तान में करीब 21 घंटे चली बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई।
इस घटनाक्रम का असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के बाजारों पर देखने को मिल रहा है।
एशियाई बाजारों में भी गिरावट
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का रुख दिखा—
कोस्पी (दक्षिण कोरिया) – 1.37% गिरावट
निक्केई (जापान) – 1% नीचे
हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) – 1.24% की गिरावट
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ने के बीच Brent Crude की कीमत फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। यह करीब 7% की तेजी के साथ 102 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है।
तेल की कीमतों में तेजी से भी बाजार पर दबाव बढ़ा है, क्योंकि इससे महंगाई और आयात बिल बढ़ने की आशंका रहती है।
FII की बिकवाली से दबाव
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) अप्रैल में अब तक 48,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं। यह लगातार निकासी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
साथ ही रुपये पर भी दबाव बना हुआ है और इसके 93.50–94 प्रति डॉलर तक गिरने की आशंका जताई जा रही है।
बाजार का हाल
सेंसेक्स के 30 में से 29 शेयरों में गिरावट
सिर्फ 1 शेयर में मामूली तेजी
बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में
निष्कर्ष
ग्लोबल तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली—इन तीनों कारणों ने मिलकर बाजार पर दबाव बना दिया है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात और निवेशकों के रुख पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी।