दिल्ली में प्रशासनिक कामकाज की शैली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उपराज्यपाल Taranjit Singh Sandhu ने स्पष्ट किया है कि अब राजधानी में अलग-अलग विभागों के स्वतंत्र तरीके से काम करने की पुरानी व्यवस्था को खत्म किया जाएगा और उसकी जगह “कोलैबोरेटिव गवर्नेंस” मॉडल लागू किया जाएगा।

एलजी ने कहा कि दिल्ली के विकास कार्यों को तेज और प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों के बीच तालमेल बेहद जरूरी है। अब दिल्ली पुलिस, एमसीडी, पीडब्ल्यूडी समेत अन्य एजेंसियां मिलकर काम करेंगी, ताकि योजनाएं कागजों तक सीमित न रहकर जमीन पर नजर आएं और आम लोगों को सीधे फायदा मिल सके।

शनिवार को Chandni Chowk के दौरे के दौरान एलजी ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्षों की अनदेखी के कारण ऐतिहासिक बाजार की हालत प्रभावित हुई है, लेकिन अब सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

दौरे के दौरान उन्होंने व्यापारियों, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से बातचीत कर जमीनी हकीकत को समझने की कोशिश की। साथ ही, उन्होंने स्थानीय खानपान का अनुभव भी लिया, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को करीब से जाना जा सके।
एलजी संधू ने जोर देकर कहा कि जब तक सभी विभाग एक ही दिशा में मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक जमीनी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसलिए अब प्राथमिकता यह है कि समन्वय के साथ योजनाओं को लागू किया जाए और राजधानी के विकास को नई गति दी जाए।
इस नई कार्यशैली को दिल्ली में प्रशासनिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में शहर की बुनियादी सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर में स्पष्ट बदलाव देखने को मिल सकता है।