डीटीसी क्लस्टर बस की टक्कर से दो युवकों की मौत, गुस्साई भीड़ ने बस में लगाई आग

दिल्ली के बाहरी जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी। Nangloi के पास नजफगढ़-नांगलोई रोड पर एक तेज रफ्तार Delhi Transport Corporation क्लस्टर बस बेकाबू होकर स्कूटी, मोटरसाइकिल, हाथ रिक्शा और राहगीरों को टक्कर मारती चली गई।

इस भीषण हादसे में बस के नीचे आने से स्कूटी और बाइक पर सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में भारी हंगामा हो गया और गुस्साई भीड़ ने बसों में तोड़फोड़ करते हुए एक क्लस्टर बस में आग लगा दी।

बेटी से छिन गया पिता का साया
हादसे में जान गंवाने वाले रविकांत शर्मा निहाल विहार के आरजेडएफ-354 में अपने परिवार के साथ रहते थे और मूल रूप से बिहार के जहानाबाद के रहने वाले थे। परिवार का ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय है।
सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे रविकांत स्कूटी से नांगलोई स्थित कंपनी के लिए निकले थे। हादसे के समय उनके बड़े भाई शशिकांत शर्मा पीछे से आ रहे थे। सड़क पर गिरी स्कूटी और बीच सड़क पर पड़े जूतों से उन्होंने रविकांत की पहचान की।
घायल रविकांत को पहले नजदीकी अस्पताल और फिर Maharaja Agrasen Hospital ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रविकांत अपने पीछे पत्नी और पांच साल की बेटी को छोड़ गए हैं। परिवार के अनुसार उनका सपना था कि वह अपनी बेटी को बेहतर शिक्षा दिलाएं और उसे अच्छे स्कूल में पढ़ाएं।
बुजुर्ग माता-पिता का सहारा था कमलजीत
दूसरे मृतक कमलजीत (39) शिवराम पार्क में अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ रहते थे। उनकी पत्नी से तलाक हो चुका था और बड़े भाई का परिवार अलग रहता है। ऐसे में घर की पूरी जिम्मेदारी कमलजीत पर ही थी।
कमलजीत अपने भाई के साथ खारी बावली स्थित एक कंपनी में सेल्स का काम करते थे। सोमवार सुबह वह रोज की तरह बाइक से ऑफिस के लिए निकले थे।
जब वह समय पर ऑफिस नहीं पहुंचे तो उनके भाई ने तलाश शुरू की। बाद में अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि हादसे में उनकी मौत हो चुकी है।
हादसे से दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
कुछ ही मिनटों में हुए इस हादसे ने दो परिवारों को जिंदगीभर का दर्द दे दिया। एक परिवार में पांच साल की बच्ची के सिर से पिता का साया उठ गया, जबकि दूसरे परिवार में बुजुर्ग मां-बाप से उनका सहारा छिन गया।
यह घटना एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से होने वाले सड़क हादसों के गंभीर परिणामों को सामने लाती है।