नई दिल्ली। Central Board of Secondary Education (सीबीएसई) की कक्षा 12वीं की मनोविज्ञान विषय की परीक्षा गुरुवार को आयोजित की गई। छात्रों के अनुसार इस वर्ष प्रश्नपत्र का स्तर आसान से मध्यम रहा और सही समय प्रबंधन के साथ अधिकांश छात्रों ने आत्मविश्वास के साथ पेपर हल किया।

परीक्षा देने वाले छात्रों का कहना है कि प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ना और कॉन्सेप्ट्स को समझकर लागू करना जरूरी था। अधिकतर सवाल एनसीईआरटी आधारित थे, जिससे छात्रों को अच्छा प्रदर्शन करने का मौका मिला।

एक छात्र ने बताया कि प्रश्नपत्र संतुलित था, जिसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल से जुड़े सवालों का अच्छा मिश्रण देखने को मिला। अधिकांश प्रश्न पाठ्यपुस्तक और शिक्षकों द्वारा पढ़ाए गए टॉपिक्स से ही पूछे गए थे। हालांकि केस आधारित प्रश्न थोड़े चुनौतीपूर्ण रहे, क्योंकि उनमें कॉन्सेप्ट्स को समझकर उत्तर देना जरूरी था।
Modern Public School की विषय शिक्षिका एकता कपूर के अनुसार प्रश्नपत्र मुख्य रूप से एनसीईआरटी पर आधारित था। जिन विद्यार्थियों की अवधारणाएं स्पष्ट थीं, वे आसानी से प्रश्नों के उत्तर दे सके।
प्रश्नपत्र में बहुविकल्पीय प्रश्नों के साथ-साथ लघु उत्तर वाले प्रश्न भी शामिल थे, जो मूलभूत अवधारणाओं और परिभाषाओं पर आधारित थे। इसके अलावा केस आधारित और अनुप्रयोग आधारित प्रश्नों के माध्यम से विद्यार्थियों की विश्लेषणात्मक क्षमता और वास्तविक जीवन में मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों की समझ को परखा गया।
प्रश्नपत्र सीबीएसई के नवीनतम कौशल आधारित पैटर्न के अनुरूप था। इसमें सेल्फ एंड पर्सनैलिटी, मीटिंग लाइफ चैलेंजेस, साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर्स, थेरेप्यूटिक अप्रोचेज और सोशल इन्फ्लुएंस जैसे अध्यायों से संतुलित प्रश्न पूछे गए। कुल मिलाकर छात्रों और शिक्षकों के अनुसार प्रश्नपत्र संतुलित और अंक प्राप्त करने के लिहाज से अनुकूल रहा।