उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी मीडिया रणनीति को मजबूत करना शुरू कर दिया है। पार्टी ने नई मीडिया टीम का ऐलान करते हुए 31 प्रवक्ताओं और 25 पैनलिस्टों को जिम्मेदारी सौंपी है।
रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश स्तर पर बनाई गई इस टीम में अलग-अलग नेताओं को टीवी डिबेट, मीडिया संवाद और पार्टी का पक्ष रखने की जिम्मेदारी दी गई है। चुनावी दौर में राजनीतिक लड़ाई सिर्फ रैलियों और जनसभाओं तक सीमित नहीं रहती। टीवी चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर होने वाली बहस भी राजनीतिक संदेश को मतदाताओं तक पहुंचाने का बड़ा माध्यम बन चुकी है।
इसी को देखते हुए BJP ने चुनाव से पहले अपनी कम्युनिकेशन टीम को व्यवस्थित करना शुरू किया है। पार्टी की कोशिश है कि सरकार की योजनाओं, संगठन के फैसलों और विपक्ष के आरोपों पर तेजी से प्रतिक्रिया दी जा सके।
मीडिया विंग के लिए दो नामों की भी घोषणा की गई है। पार्टी की रणनीति यह है कि अलग-अलग विषयों पर ऐसे नेताओं को सामने रखा जाए जो संबंधित मुद्दों पर पार्टी का पक्ष स्पष्ट तरीके से रख सकें।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव से काफी पहले ही पक्ष-विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो जाती है। ऐसे में मीडिया टीम की घोषणा यह संकेत देती है कि BJP ने जमीनी चुनावी तैयारियों के साथ अपनी संदेश रणनीति पर भी काम शुरू कर दिया है।
अब देखना होगा कि विपक्ष इसके जवाब में अपनी मीडिया और डिजिटल रणनीति को किस तरह तैयार करता है।





