कांग्रेस ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए उत्तर प्रदेश और पंजाब में नई नियुक्तियां की हैं। पार्टी ने दोनों महत्वपूर्ण राज्यों में नेतृत्व के नए चेहरे सामने लाकर संगठन को मजबूत करने की कोशिश की है।
अखबार की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश कांग्रेस में कोमल को अहम जिम्मेदारी दी गई है, जबकि पंजाब कांग्रेस की कमान विजेंद्र सिंह को सौंपी गई है। इन नियुक्तियों को आने वाले चुनावों और संगठन के पुनर्गठन की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक लोकसभा सीटों वाला राज्य है और यहां कांग्रेस लंबे समय से अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है। समाजवादी पार्टी के साथ उसके रिश्ते और विपक्षी गठबंधन की रणनीति के बीच पार्टी का अपना संगठन मजबूत करना भी बड़ी चुनौती है।
पंजाब में स्थिति अलग है। यहां कांग्रेस प्रमुख विपक्षी ताकतों में शामिल है और राज्य की राजनीति में उसका मजबूत आधार रहा है। लेकिन आंतरिक मतभेद और नेतृत्व से जुड़े सवाल पार्टी के सामने समय-समय पर चुनौती बनते रहे हैं।

नई नियुक्तियों के बाद सबसे बड़ी जिम्मेदारी संगठन में अलग-अलग गुटों को साथ लेकर चलने, बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रियता बढ़ाने की होगी।
कांग्रेस नेतृत्व का यह फैसला केवल पदाधिकारियों का बदलाव नहीं माना जा रहा, बल्कि दोनों राज्यों में आने वाली राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठन को नए सिरे से तैयार करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।






