फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट को संकट से सुरक्षित निकालने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी को इजरायल सम्मानित करेगा। इजरायल के भारत में राजदूत रुवेन अजार ने कहा कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और आम नागरिकों के बीच कैप्टन स्मित की बहादुरी की चर्चा है। उनके मुताबिक, पायलट ने विमान में सवार करीब 180 लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई और एक बड़े हादसे को टालने में मदद की।
यह घटना उस समय हुई जब दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में एक पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला कर दिया। अचानक पैदा हुए संकट के बीच विमान ने ऊंचाई खोनी शुरू कर दी। क्रू और कुछ यात्रियों ने स्थिति संभालने में मदद की और विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब की ओर डायवर्ट कर वहां लैंड कराया गया। घटना के बाद इजरायल ने सुरक्षा को लेकर फाइटर जेट्स भी हवा में भेजे थे।

चार इजरायली नागरिकों को भी मिलेगा सम्मान

इस घटना के दौरान विमान को सुरक्षित रखने में मदद करने वाले चार इजरायली नागरिकों को भी सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने यानिव हयून, डॉ. शोता मुसायेव, त्विका मैन्स और आसफ रेजवान को प्रेसिडेंट मेडल फॉर सिविलियन हीरोइज्म दिए जाने की सिफारिश करने की बात कही है। राष्ट्रपति ने चारों से बातचीत भी की और संकट के दौरान उनकी भूमिका की सराहना की।
पायलट पर हमले के बाद बिगड़े हालात

फ्लाइट के दौरान को-पायलट द्वारा दूसरे पायलट पर चाकू से हमला किए जाने के बाद विमान में गंभीर स्थिति पैदा हो गई थी। विमान के तेजी से नीचे आने के बीच यात्रियों और क्रू के कुछ सदस्यों ने हालात नियंत्रित करने में सहयोग किया। इसके बाद विमान को डायवर्ट कर सुरक्षित उतारा गया।
इजरायल के राजदूत के अनुसार, कैप्टन स्मित मछार की भूमिका को देश में विशेष रूप से सराहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इजरायल संकट के समय उसके साथ खड़े होने वाले लोगों को याद रखता है और कैप्टन स्मित की बहादुरी को उचित सम्मान दिया जाएगा।



